मेरठ। पति सौरभ राजपूत की हत्या के आरोप में जेल में बंद मुस्कान रस्तोगी को प्रसव के बाद नवजात बेटी के साथ मेरठ जिला जेल की बैरक 12A में शिफ्ट कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज में 24 नवंबर को जन्मी बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। अब माँ-बेटी दोनों महिला बंदियों और बच्चों के लिए आरक्षित बैरक में विशेष निगरानी में रखे गए हैं।
जेल में मिलेगी विशेष देखरेख
जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, मुस्कान और बच्ची दोनों की सेहत ठीक है। जेल नियमों के अनुसार नवजात को सभी अनिवार्य टीके जेल परिसर में ही लगाए जाएंगे और माँ को पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है।
जेल डॉक्टर रोजाना स्वास्थ्य जांच करेंगे।
फिलहाल मुस्कान को किसी तरह का कारागार कार्य नहीं दिया गया है। एक महीने बाद हल्के काम सौंपे जा सकते हैं।
जेल में बच्चों के लिए क्रेच, कपड़े, खिलौने और आंगनवाड़ी जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। बच्ची को भी जेल आंगनवाड़ी में पंजीकृत किया जाएगा।
परिजनों की मांग—बच्ची का DNA टेस्ट हो
मामले में नया विवाद तब खड़ा हुआ जब दिवंगत सौरभ राजपूत के परिवार ने नवजात के पितृत्व की पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण कराने की मांग की।
हालाँकि जेल प्रशासन का कहना है कि इस संबंध में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलते ही कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला
4 मार्च को पुलिस ने मुस्कान रस्तोगी और उसके कथित प्रेमी साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया था। एफआईआर के अनुसार, दोनों पर आरोप है कि उन्होंने इंदिरा नगर स्थित घर में सौरभ की हत्या कर शव को टुकड़ों में काटा, उसे सीमेंट भरे नीले ड्रम में छिपाया और फिर हिमाचल प्रदेश भाग गए थे।
बैरक 12A में फिलहाल 21 महिला बंदी और तीन बच्चे पहले से मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार, अन्य महिला कैदियों ने मुस्कान को बच्ची के जन्म पर बधाई दी है।
गौरतलब है कि न तो मुस्कान के मायके से और न ही सौरभ के परिवार से अब तक कोई भी नवजात को देखने जेल पहुँचा है।
जेल में बच्चों के अधिकार
भारतीय जेल नियमों के अनुसार महिलाएँ अपने बच्चों को छह वर्ष की उम्र तक साथ रख सकती हैं।
बच्चों को कैदी नहीं माना जाता और उनके लिए स्वस्थ माहौल, भोजन, टीकाकरण, शिक्षा तथा सभी बुनियादी सुविधाएँ मुफ्त उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
जेल में जन्मे बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र में जेल का नाम नहीं बल्कि शहर का नाम दर्ज किया जाता है, ताकि भविष्य पर कोई दाग न लगे।
