प्रधानमंत्री मंगलवार को बजट 2026-27 पर आयोजित दूसरे वेबिनार का उद्घाटन कर रहे थे। इस दिनभर चलने वाले वेबिनार का विषय “आर्थिक वृद्धि को निरंतर संभालना और सशक्त करना” रखा गया है, जिसमें चार अलग-अलग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
एफटीए से खुले नए अवसर, आत्मविश्वास से बढ़ें उद्योग
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने कई देशों के साथ एफटीए किए हैं और इससे देश के लिए बड़े अवसर पैदा हुए हैं। ऐसे में उद्योग जगत की जिम्मेदारी है कि वह गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “आपका एक ही महामंत्र होना चाहिए—क्वालिटी, क्वालिटी और अधिक क्वालिटी।”
उन्होंने उद्योगों से अपील की कि वे इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, नई प्रौद्योगिकियों को अपनाएं और अनुसंधान एवं विकास पर खर्च बढ़ाएं। उनका कहना था कि अनुसंधान पर कंजूसी करने के बजाय निवेश बढ़ाना समय की मांग है।
विश्वस्तरीय से भी बेहतर उत्पाद देने की जरूरत
प्रधानमंत्री ने भारतीय विनिर्माताओं से विश्वस्तर से भी बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद प्रस्तुत करने का आह्वान करते हुए कहा कि गुणवत्ता पर सबसे अधिक समय, साधन और बुद्धि खर्च की जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योग जगत विश्व बाजार की जरूरतों का गहन अध्ययन और विश्लेषण करे तथा उसी अनुरूप अपनी विनिर्माण क्षमता विकसित करे।
उन्होंने कहा कि आज वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन हो रहा है और बाजार अब केवल लागत को नहीं देखते, बल्कि टिकाऊ और स्वस्थ उपायों को भी महत्व देते हैं। भारत इस बदलते परिदृश्य में एक विश्वसनीय विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर सकता है।
वेबिनार में चार अहम सत्र
इस वेबिनार में चार प्रमुख सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। पहला सत्र विनिर्माण और उद्योगों के स्तर को उन्नत करने तथा रणनीतिक क्षेत्रों पर केंद्रित है। दूसरा सत्र सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों के लिए ऋण और बाजार सुविधाओं पर आधारित है। तीसरा सत्र नगरों के आर्थिक इलाकों की योजना से जुड़ा है, जबकि चौथा सत्र अवसंरचना विकास, लॉजिस्टिक्स और किराया जैसे विषयों पर केंद्रित है। उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री ने बजट में सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों, अवसंरचना, बायोफार्म, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स तथा कार्बन कैप्चर एवं स्टोरेज के विकास के लिए की गई पहलों का विशेष उल्लेख किया।
विकसित भारत के लिए साझेदारी जरूरी
प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों, उद्योग जगत और संस्थानों के बीच पूर्ण तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल साझेदारी के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है और सभी हितधारकों को मिलकर काम करना होगा।
