NDA में गठबंधन की तस्वीर 23 जनवरी को हो सकती है साफ
तमिलनाडु में NDA का नेतृत्व AIADMK के पास है और पार्टी ने संकेत दे दिया है कि वह DMDK एक्टर विजयकांत की पार्टी) के साथ चुनावी गठबंधन को अंतिम रूप देने के करीब है। वहीं, BJP चाहती है कि O. पन्नीरसेल्वम और AMMK के नेता T.T.V. दिनकरण को भी NDA में शामिल किया जाए, लेकिन अभी तक AIADMK महासचिव E. पलनिस्वामी से इस पर सहमति नहीं बनी है।सूत्रों के अनुसार, TTV दिनकरण की पार्टी को NDA के घटक दल के रूप में शामिल किया जा सकता है और इसका ऐलान 23 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में हो सकता है। हालांकि, O. पन्नीरसेल्वम के साथ निजी रंजिश के कारण पलनिस्वामी उन्हें NDA में शामिल करने के लिए तैयार नहीं हैं।
इस बीचAIADMK ने पहले ही PMK के एक धड़े के साथ गठबंधन का ऐलान कर दिया है। PMK के मुखिया डॉ. रामदोस ने अपने बेटे अंबु मणि रामदोस की बगावत के बावजूद चुनावी गठबंधन को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है। वहीं, उनके बेटे अंबुमणि ने AIADMK के साथ मिलकर NDA का हिस्सा बनने का फैसला किया है। इस तरह तमिलनाडु में NDA के गठबंधन की पूरी तस्वीर 23 जनवरी की पीएम मोदी की जनसभा में स्पष्ट होने की संभावना है।
मजबूत NDA गठबंधन बनाने की कोशिश
AIADMK और BJP इस बार तमिलनाडु में सत्तारूढ़ DMK-कांग्रेस गठबंधन को चुनौती देने के लिए मजबूत NDA गठबंधन बनाने में जुटी हैं। इस गठबंधन में एक्टर विजय की पार्टी DMDK TVK को भी शामिल किया जा सकता है, जिसे इस चुनाव का X फैक्टर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि विजय का राजनीतिक असर रजनीकांत और कमल हासन की तुलना में ज्यादा है, क्योंकि उन्होंने अपनी फिल्मी लोकप्रियता के चरम पर रहते हुए राजनीति में कदम रखा। यही वजह है कि NDA इस बार चुनावी रणनीति में उनके योगदान को अहम मान रही है। NDA के लिए यह गठबंधन न सिर्फ चुनावी ताकत बढ़ाने का मौका है, बल्कि राज्य में सत्तारूढ़ DMK-कांग्रेस गठबंधन को चुनौती देने का भी प्रमुख हथियार बन सकता है।
तमिलनाडु चुनाव में विजय की दिशा तय नहीं
एक्टर विजय और उनकी पार्टी TVK ने स्पष्ट किया है कि वे DMK और BJP दोनों से समान दूरी बनाकर चलेंगे। हालांकि, AIADMK के कुछ नेता उनके साथ गठबंधन को लेकर बैकडोर बातचीत में लगे हुए हैं। इस बीच राजनीतिक हलकों में यह अटकलें भी लग रही हैं कि अगर TVK और AIADMK के बीच समझौता होता है, तो BJP की स्थिति क्या होगी। तमिलनाडु में यह भी चर्चा है कि विजय की फिल्म जन नायक को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिलने और करूर भगड़ग मामले में CBI से पूछताछ को भाजपा की साजिश के रूप में पेश किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में विजय और उनकी पार्टी की दिशा NDA और DMK-कांग्रेस गठबंधन दोनों के लिए अहम हो सकती है।
स्टालिन सरकार के खिलाफ गुस्से को भुनाने की रणनीति
BJP का मानना है कि लॉ एंड आर्डर और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर तमिलनाडु में लोगों के मन में स्टालिन सरकार के खिलाफ नाराजगी है, जिससे उनके लिए सत्ता में बने रहना मुश्किल हो सकता है। इसी कारण पार्टी ने अपने सबसे बड़े ट्रम्प कार्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनावी कैंपेन की शुरूआत के लिए बुलाने का फैसला किया है। 23 जनवरी को PM मोदी मदुरान्दगम में विशाल जनसभा के साथ NDA अभियान की शुरुआत करेंगे, ताकि उनकी लोकप्रियता का लाभ पार्टी को मिल सके। विश्लेषकों का कहना है कि जिस तरह पीएम मोदी ने चुनाव से चार महीने पहले ही दौरा शुरू करने वाले हैं उससे लगता है कि आने वाले दिनों में उनके कई दौरे तमिलनाडु में होने की संभावना है।
