संकट में अग्रिम पंक्ति के योद्धा प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में लिखा कि NDRF के पुरुष और महिला कर्मियों का दृढ़ संकल्प विपरीत परिस्थितियों में भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय ये जवान सदैव अग्रिम पंक्ति में तैनात रहकर अपने परिश्रम से न केवल मानव जीवन की रक्षा करते हैं और राहत कार्य संचालित करते हैं, बल्कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण और निराशाजनक परिस्थितियों में भी आम जनमानस के बीच ‘आशा का संचार’ करते हैं।
वैश्विक स्तर पर अर्जित किया सम्मान प्रधानमंत्री ने बल की कार्यप्रणाली को सेवा के सर्वोच्च मानकों का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों के दौरान NDRF ने न केवल देश के भीतर आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और तैयारी के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है, बल्कि अपनी कार्यकुशलता के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक सम्मान और ख्याति अर्जित की है। चाहे भूकंप हो चक्रवात हो या कोई अन्य प्राकृतिक विपदा, NDRF के जवानों ने हमेशा अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा परमो धर्म के मंत्र को सिद्ध किया है।
साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन स्थापना दिवस पर दी गई इस बधाई में प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से जवानों के कौशल और कर्तव्यनिष्ठा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश को अपने इस बल पर गर्व है जो हर विषम परिस्थिति में नागरिकों के लिए सुरक्षा कवच बनकर खड़ा रहता है।उल्लेखनीय है कि NDRF आज अपना स्थापना दिवस मना रहा है। 2006 में गठित इस बल ने अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से देश के आपदा प्रबंधन तंत्र को एक नई शक्ति प्रदान की है।
