नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में फिलहाल मौसम का मिज़ाज आम लोगों के लिए राहत भरा नहीं लग रहा। अगले तीन दिनों तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और उनसे जुड़े मैदानी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, तेज हवाओं की रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी जा सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता कम हो सकती है।
पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बादलों का डेरा
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों में निचले और मध्य वायुमंडल में तेज चक्रवात सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिणी हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के निचले हिस्सों में कम दबाव का क्षेत्र भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेताया है कि 5 से 7 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाके लगातार बर्फबारी का सामना कर रहे हैं। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश के साथ बादलों की गतिविधि बनी हुई है। यह मिज़ाज पूरे सप्ताह बने रहने की संभावना है।
कश्मीर में फिर बढ़ी ठंड, तापमान में गिरावट
कुछ दिनों की राहत के बाद कश्मीर घाटी में ठंड लौट आई है। रविवार सुबह श्रीनगर और आसपास के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात देखा गया। इस बदलाव के चलते दिन का तापमान करीब चार डिग्री तक गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार 2 और 3 फरवरी की रात को कुछ ऊपरी क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है।
हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि
हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा में मौसम अचानक बदल गया। छह जिलों में हल्की बारिश हुई, जबकि करनाल, यमुनानगर और रोहतक में ओले गिरे। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 31 जनवरी की रात से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने रविवार सुबह बारिश करवायी। इसी सिस्टम के कारण पूर्वी राजस्थान और दक्षिणी हरियाणा में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसका असर मंगलवार दोपहर तक महसूस होगा।
हिमाचल प्रदेश में आंधी-तूफान की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, शिमला, सिरमौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और चंबा जिलों में बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हुआ। शिमला, कुल्लू, लाहौल, कांगड़ा, चंबा, मंडी, ऊना और हमीरपुर में बारिश के कारण ठंड और बढ़ गई। सोलन जिले में बिजली गिरने की घटना में 54 भेड़-बकरियों की मौत हो गई, जिससे पशुपालकों को भारी नुकसान हुआ। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को राज्य के मध्य और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और हिमपात की संभावना जताई है। अगले 24 घंटों में आंधी-तूफान की चेतावनी भी जारी की गई है। लाहौल-स्पीति का ताबो इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान -3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजस्थान में फिलहाल राहत
राजस्थान में तापमान में वृद्धि से ठंड का असर कम हुआ है। रविवार को अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। अलवर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां रात का पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीते 24 घंटों में अजमेर में हल्की बारिश हुई, जहां 1.1 मिलीमीटर पानी गिरा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कम से कम एक दिन तक प्रदेश का मौसम इसी तरह बना रहने की संभावना है।
