उन्होंने आगे बताया कि इस बदलाव के पीछे जेएएम ट्रिनिटी (जनधन आधार मोबाइल) और यूपीआई जैसे मजबूत पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इससे उद्यमियों को ऐसी प्रणालियाँ विकसित करने का अवसर मिला जिनसे देश की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।अर्बन कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ अभिराज सिंह बहल ने कहा कि जब उन्होंने अर्बन कंपनी शुरू की थी तब भारत में केवल एक-दो यूनिकॉर्न मौजूद थे। लेकिन पिछले आठ वर्षों में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विकसित हुआ है। आज देश में 110 यूनिकॉर्न और हजारों स्टार्टअप्स विभिन्न सेक्टर्स में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनके मुताबिक इस विकास और विस्तार का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है।
प्रिस्टिन केयर के सह-संस्थापक हरसिमरबीर सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के 2015 के न्यूयॉर्क भाषण को उनके जीवन में परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री में स्टार्टअप्स के लिए CEO जैसी विशेषताएं हैं-समस्याओं को तुरंत पहचानना और उनका समाधान करना। उन्होंने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के हालिया उदाहरण का जिक्र किया जहां सरकार ने समय रहते निवेश और सुधार के लिए पहल की।
रेज कॉफी के संस्थापक भरत सेठी ने 2016 में स्टार्टअप इंडिया मिशन के उद्घाटन का अनुभव साझा किया। उनके मुताबिकउस समय भारत परिवर्तन के दौर से गुजर रहा था और इस मिशन ने स्टार्टअप्स के लिए एक नई दिशा तय की। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप इंडिया मिशन ने न केवल व्यवसायियों को प्रोत्साहित किया बल्कि पूरे देश में उद्यमिता के लिए जागरूकता भी बढ़ाई।स्टार्टअप फाउंडर्स का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नीति डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रेरणा का अनोखा मिश्रण भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सक्षम रहा है।
