नई दिल्ली । मोक्षदा एकादशी 2025 पर तुलसी और भगवान विष्णु की पूजा विशेष महत्व रखती है। इस दिन पूजा में किसी भी तरह की गलती न करें, वरना पूजा का फल अधूरा रह सकता है।हिंदू धर्म में मोक्षदा एकादशी को अत्यंत शुभ और पवित्र तिथि माना गया है। भगवान विष्णु को समर्पित यह दिन भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने से पापों का नाश होता है और आत्मा को मोक्ष प्राप्ति का मार्ग मिलता है। 2025 में मोक्षदा एकादशी का पर्व 1 दिसंबर को मनाया जाएगा। इस दिन श्रीहरि विष्णु और तुलसी माता की पूजा का विशेष विधान है। तुलसी भगवान विष्णु को अति प्रिय हैं, इसलिए इस दिन तुलसी की पूजा में किसी भी तरह की भूल बड़ा दोष मानी जाती है। मोक्षदा एकादशी पर तुलसी से जुड़ी गलतियां बिल्कुल न करें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन तुलसी पूजन में की गई छोटी-सी चूक भी पूजा का फल कमजोर कर सकती है।
जानें क्या न करें-
1. तुलसी को अनादर से न छुएं
तुलसी के पौधे को झटकना, तोड़ना या खींचकर नुकसान पहुंचाना बड़ा दोष माना जाता है।
2. इस दिन तुलसी पर जल न चढ़ाएं
मोक्षदा एकादशी पर तुलसी को जल अर्पित करना निषेध है। केवल फूल, अक्षत और स्वच्छ जल से अचमन करा सकते हैं।
3. उसी दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें
पूजा में उपयोग किए जाने वाले तुलसी पत्र एक दिन पहले ही तोड़ लें। एकादशी के दिन पत्ते तोड़ना अशुभ माना जाता है।
4. तुलसी की पूजा बिना शुद्ध हाथों से न करें
पूजा से पहले हाथ धोकर ही तुलसी माता को स्पर्श करें।
इन नियमों का पालन करने से भक्त को विष्णु कृपा मानसिक शांति और जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
एकादशी के दिन क्या करना चाहिए
1. भगवान विष्णु का नाम जपें
ॐ नमो नारायणाय मंत्र का जप करें। ध्यान और भजन-कीर्तन करने से मन शांत रहता है और आस्था मजबूत होती है।
2. भक्तिभाव से भोग लगाएं
इस दिन खीर, फल, पंचामृत, मिठाई और तुलसी पत्र का भोग विशेष लाभ देता है। खीर को भगवान विष्णु का प्रिय प्रसाद माना गया है।
3. तुलसी माता की परिक्रमा करें
तुलसी की 11, 21 या 108 परिक्रमाएं करने से पापों का नाश होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
4. दान-पुण्य करें
गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुएं दान करने से असीम पुण्य फल प्राप्त होता है।
मोक्ष की ओर ले जाने वाला पवित्र अवसर
मोक्षदा एकादशी केवल उपवास भर नहीं बल्कि आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक जागृति का दिन है। इस दिन तुलसी और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा, नियम पालन और सच्ची श्रद्धा से किए गए कर्म व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में शुभ फल प्रदान करते हैं
