करेरा, 12 मार्च। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा नगर में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के जन्म तप कल्याणक महा महोत्सव का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन चैत्र कृष्ण नवमी, गुरुवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। सकल दिगंबर जैन समाज सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। पूरे नगर में दिनभर धार्मिक वातावरण बना रहा और जिनेन्द्र भगवान के जयघोष गूंजते रहे।
महोत्सव की शुरुआत प्रातःकालीन बेला में विधि-विधानपूर्वक भगवान के अभिषेक से हुई। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से 108 कलशों से भगवान का भव्य अभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इसके साथ ही भक्तामर स्तोत्र के 48 काव्यों के प्रतीक स्वरूप 48 दीपों से दीप अर्चना की गई। कार्यक्रम में शांति धारा, पूजन, अर्चन और फूलमाला अर्पण जैसे धार्मिक अनुष्ठान भी सम्पन्न हुए। समस्त धार्मिक विधियां ब्रह्मचारी अंशु भैया कोलारस के कुशल मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न कराई गईं, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया।
इस अवसर पर जैन समाज द्वारा पुलिस सहायता केंद्र पर सामूहिक भोजन एवं फल वितरण किया गया। वहीं सायंकालीन बेला में विशाल वात्सल्य भोज का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समाज के सेवादारों ने कार्यक्रम के दौरान अनुशासित और सुव्यवस्थित व्यवस्था संभाली।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण भगवान का पालना एवं जलविहार आयोजन रहा, जिसमें श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ भाग लिया। इसके साथ ही भगवान की भव्य शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई। शोभायात्रा में सुसज्जित रथ, ध्वज-पताकाएं, भजन मंडलियां और धर्मध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु नृत्य-गान करते हुए जिनेन्द्र भक्ति में लीन दिखाई दिए।
इस आयोजन को सफल बनाने में आनंद जैन रेन बसेरा एवं उनकी पूरी टीम के साथ समाज की महिला-पुरुष वर्ग और युवाओं ने सक्रिय सहयोग दिया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन और सहयोगी संस्थाओं का भी सराहनीय योगदान रहा, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ।
करेरा में आयोजित यह महा महोत्सव स्थानीय धार्मिक इतिहास में एक स्मरणीय अध्याय बन गया, जिसने समाज की एकता, श्रद्धा और संगठन शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
