गावस्कर की टिप्पणी से बढ़ा विवाद
भारतीय क्रिकेट दिग्गज Sunil Gavaskar ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को दिया गया पैसा टैक्स के जरिए पाकिस्तान सरकार तक पहुंच सकता है, जिसका इस्तेमाल गलत उद्देश्यों में हो सकता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या एक टूर्नामेंट जीतना भारतीयों की सुरक्षा से ज्यादा अहम है।
अजीम रफीक का तीखा जवाब
गावस्कर के इस बयान पर पाकिस्तानी मूल के क्रिकेटर Azeem Rafiq ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे “मजाकिया और घटिया” बताते हुए सवाल किया कि क्या ऐसे ही मानदंड अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी लागू किए जाते हैं। रफीक ने यह भी कहा कि मैदान पर हासिल उपलब्धियां इस तरह के बयानों को सही नहीं ठहरा सकतीं।
डील की कीमत और विरोध
Sunrisers Leeds ने Abrar Ahmed को लगभग 1.9 लाख पाउंड (करीब 2.34 करोड़ रुपये) में साइन किया है।
इस फैसले के बाद खासकर भारत में सोशल मीडिया पर विरोध देखने को मिला और फ्रेंचाइजी को आलोचना झेलनी पड़ी।
ECB के नियम और टीमों का रुख
England and Wales Cricket Board ने पहले ही सभी फ्रेंचाइजियों को एंटी-डिस्क्रिमिनेशन नियमों का पालन करने की हिदायत दी थी, जिसमें राष्ट्रीयता के आधार पर भेदभाव न करने की बात कही गई थी।
इसके बावजूद भारतीय स्वामित्व वाली अन्य टीमों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदा, जबकि सनराइजर्स लीड्स ने अलग रुख अपनाया।
IPL तक पहुंचा असर
इस विवाद का असर Indian Premier League 2026 तक भी देखने को मिला। कुछ फैंस ने Sunrisers Hyderabad के बहिष्कार तक की बात कही।
कोच पर भी उठे सवाल
गावस्कर ने टीम के हेड कोच Daniel Vettori का भी जिक्र करते हुए कहा कि शायद वे इस मुद्दे की संवेदनशीलता को पूरी तरह नहीं समझते, लेकिन असली जिम्मेदारी फ्रेंचाइजी मालिकों की है।
