काबुल/इस्लामाबाद । पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए एयरस्ट्राइक की, जिसमें अफगानिस्तान के तीन क्रिकेटरों समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हुए। यह हमला उस वक्त हुआ जब खिलाड़ी एक फ्रेंडली मैच के बाद उरगुन जिले में एक सभा में शामिल हो रहे थे।
मारे गए खिलाड़ियों की पहचान कबीर, सिबगातुल्ला और हारून के रूप में हुई है। इस घटना ने अफगान क्रिकेट समुदाय और पूरे देश को सदमे में डाल दिया है। अफगानिस्तान के प्रमुख क्रिकेटरों ने इस हमले की कड़ी आलोचना की है।
मोहम्मद नबी ने जताया गहरा शोक
सीनियर क्रिकेटर मोहम्मद नबी ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “यह हमला केवल पक्तिका पर नहीं, बल्कि पूरे अफगान क्रिकेट परिवार और देश पर चोट है। मेरे बहादुर साथियों की शहादत की खबर से दिल टूट गया है। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों और पक्तिका के लोगों के साथ हैं।”
गुलबदीन नईब बोले – अफगान भावना को नहीं तोड़ा जा सकता
गुलबदीन नईब ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “यह कायराना हमला हमारी शान और स्वतंत्रता पर वार है, लेकिन पाकिस्तान की यह बर्बरता कभी भी अफगान भावना को तोड़ नहीं सकती। हमारे निर्दोष साथियों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी।”
फजलहक फारुखी ने बताया अक्षम्य अपराध
फेसबुक पोस्ट में फारुखी ने लिखा, “घरेलू क्रिकेट खिलाड़ियों और नागरिकों की शहादत एक बेशर्म कृत्य है। यह केवल एक अत्याचार नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ अपराध है। अल्लाह शहीदों को जन्नत नसीब करे और जालिमों को सजा दे।”
राशिद खान ने किया मैच बहिष्कार का समर्थन
राशिद खान ने भी इस हमले को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया और अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) के पाकिस्तान के खिलाफ आगामी ट्रायंगुलर T20I सीरीज से नाम वापस लेने के फैसले का समर्थन किया।
सीजफायर के बावजूद हमला, अफगानिस्तान का पलटवार की चेतावनी
हाल ही में पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने बॉर्डर तनाव के बाद 48 घंटे के सीजफायर पर सहमति जताई थी। लेकिन अफगान अधिकारियों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने इस संधि को तोड़ते हुए पक्तिका में तीन स्थानों पर बमबारी की। तालिबान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एएफपी को बताया कि अफगानिस्तान इसका माकूल जवाब देगा।
क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट से नाम लिया वापस
पक्तिका की इस दुखद घटना के बाद अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने नवंबर के अंत में होने वाली ट्रायंगुलर T20I सीरीज से अपना नाम वापस ले लिया है। इस सीरीज में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और श्रीलंका की टीमें हिस्सा लेने वाली थीं।
इस हमले ने एक बार फिर क्षेत्रीय अस्थिरता और खेल को निशाना बनाने की गंभीरता को उजागर किया है। अफगान क्रिकेटर अब केवल मैदान पर ही नहीं, बल्कि अपने साथियों की असमय मौत पर इंसाफ की मांग कर रहे हैं।
