मार्केट रिसर्च ने दिखाया नया रास्ता
टी20 क्रिकेट की शुरुआत का श्रेय England and Wales Cricket Board के मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव Stuart Robertson को जाता है। 21वीं सदी की शुरुआत में इंग्लैंड के काउंटी मैचों में दर्शकों की संख्या में करीब 17 प्रतिशत तक गिरावट आ गई थी। इससे क्रिकेट बोर्ड चिंतित हो गया कि आखिर लोग इस खेल से दूर क्यों होते जा रहे हैं। इसी समस्या का समाधान ढूंढने के लिए एक बड़ा मार्केट रिसर्च सर्वे कराया गया, जिस पर करीब ढाई लाख पाउंड खर्च हुए। इस सर्वे ने क्रिकेट की छवि से जुड़ी कई अहम समस्याओं को सामने रखा।
समय की कमी बनी बड़ी वजह
सर्वे में पता चला कि ज्यादातर मैच ऐसे समय पर खेले जाते थे जब लोग अपने काम में व्यस्त रहते थे। साथ ही मैच इतने लंबे होते थे कि दर्शकों के पास पूरा मुकाबला देखने का समय ही नहीं होता था। उस समय क्रिकेट का सबसे छोटा फॉर्मेट भी लगभग पूरे दिन का समय ले लेता था।
वनडे क्रिकेट में शुरुआती 15 ओवर के बाद जब फील्डिंग पाबंदियां हट जाती थीं, तो 45वें ओवर तक बल्लेबाज सिर्फ सिंगल-डबल लेकर स्कोर बढ़ाते थे। इस दौरान खेल काफी नीरस हो जाता था। ऐसे में स्टुअर्ट रॉबर्टसन ने सुझाव दिया कि इन “मिडिल ओवर्स” को कम कर दिया जाए और मैच को छोटा बनाया जाए।
20 ओवर का नया फॉर्मेट आया सामने
रॉबर्टसन ने सुझाव दिया कि अगर मैच को 20 ओवर का कर दिया जाए तो खेल करीब तीन घंटे में खत्म हो सकता है। इससे लोग शाम को आराम से मैच देख सकेंगे, जब वे अपने काम खत्म कर चुके हों।
यह प्रस्ताव काउंटी चेयरमैन के सामने वोटिंग के लिए रखा गया। आखिरकार 11-7 के मत से इस नए फॉर्मेट को मंजूरी मिल गई और इसने पुराने Benson & Hedges Cup की जगह ले ली।
2003 में खेला गया पहला टी20 मैच
13 जून 2003 को काउंटी क्रिकेट में पहली बार इस नए फॉर्मेट की शुरुआत हुई। पहला टी20 मुकाबला Hampshire Hawks और Sussex Sharks के बीच खेला गया। यह मैच काफी रोमांचक रहा और हैम्पशायर हॉक्स ने इसे 5 रन से जीत लिया। दर्शकों को यह छोटा और तेज फॉर्मेट इतना पसंद आया कि जल्द ही यह दुनिया भर में लोकप्रिय होने लगा।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टी20 की एंट्री
टी20 क्रिकेट की सफलता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसे अपनाया गया। पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच 17 फरवरी 2005 को Australia national cricket team और New Zealand national cricket team के बीच खेला गया। भारत ने अपना पहला टी20 मुकाबला 1 दिसंबर 2006 को South Africa national cricket team के खिलाफ खेला और 6 विकेट से जीत हासिल की। इसके बाद 2007 में पहला टी20 वर्ल्ड कप हुआ, जिसमें भारत चैंपियन बना और इस फॉर्मेट की लोकप्रियता दुनिया भर में फैल गई।
स्टार खिलाड़ियों ने बढ़ाई टी20 की चमक
टी20 क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने में कई दिग्गज खिलाड़ियों की अहम भूमिका रही। Chris Gayle, Brendon McCullum, Shahid Afridi और AB de Villiers जैसे बल्लेबाजों ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दर्शकों का दिल जीत लिया। वहीं गेंदबाजी में Lasith Malinga और Dale Steyn जैसे खिलाड़ियों ने भी इस फॉर्मेट को रोमांचक बना दिया।
🇮🇳 आईपीएल ने दी नई पहचान
भारत में 2008 में Indian Premier League की शुरुआत ने टी20 क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। इससे पहले 2007 में Indian Cricket League भी चर्चा में रही थी।
