फैनी की उम्र महज 15 साल और 223 दिन थी जब उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। इससे पहले टी20 इंटरनेशनल डेब्यू पर सबसे ज्यादा व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की कैरन रोल्टन के नाम था। उन्होंने 2005 में टॉन्टन में इंग्लैंड के खिलाफ 96 रन (नाबाद) बनाए थे।
सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड पहले युगांडा की प्रोस्कोविया अलाको के नाम था। उन्होंने 2019 में किगाली में माली के खिलाफ 116 रन बनाए थे, तब उनकी उम्र 16 साल और 233 दिन थी। फैनी ने यह रिकॉर्ड भी तोड़ते हुए महिला टी20 क्रिकेट में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
पुरुष टी20 क्रिकेट में अपने इंटरनेशनल डेब्यू पर शतक बनाने वाले चार बल्लेबाजों में से कोई भी फुल मेंबर टीम का खिलाड़ी नहीं है। कनाडा के मैथ्यू स्पोर्स ने 2022 में फिलीपींस के खिलाफ 108 रन बनाकर नाबाद रहते हुए डेब्यू शतक लगाया था। वहीं, फ्रांस के गुस्ताव मैककॉन टी20 इंटरनेशनल में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के पुरुष खिलाड़ी हैं। उन्होंने 18 साल और 280 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।
फैनी उटागुशिमानिंदे के शतक की मदद से रवांडा ने 3 विकेट के नुकसान पर 210 रन बनाए। उनके अलावा रवांडा की तरफ से मर्वेल उवासे ने 19 गेंदों में 32 रन बनाकर नाबाद रही। इस पारी के दौरान गांगुली की गेंदबाजों ने 28 अतिरिक्त रन दिए, जिसमें 25 वाइड शामिल थे।
रवांडा के बनाए 211 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बीकानेर की टीम मुश्किल में नजर आई। उन्होंने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर केवल 88 रन बनाए। टीम ने लगातार विकेट गंवाए और कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर लंबे समय तक टिक नहीं सका। अंततः रवांडा ने यह मुकाबला 122 रन से जीत लिया।
इस प्रदर्शन के बाद फैनी उटागुशिमानिंदे क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गई हैं। उनके शतक ने न केवल रवांडा की जीत में अहम भूमिका निभाई, बल्कि महिला क्रिकेट में युवाओं के लिए प्रेरणा भी दी है। फैनी के इस प्रदर्शन से यह साफ हो गया कि छोटे देशों से भी युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छाप छोड़ सकते हैं।
टी20 इंटरनेशनल डेब्यू पर शतक लगाने की यह उपलब्धि यह साबित करती है कि फैनी के पास बल्लेबाजी के लिए अद्वितीय कौशल और मानसिक उन्नयन है। भविष्य में महिला क्रिकेट में फैनी और रवांडा टीम के लिए और भी बड़ी उपलब्धियां संभव हैं।
