नई दिल्ली। दिनेश कार्तिक ने हालिया हार के बाद टीम चयन और टीम संतुलन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस सीरीज में भारत ने अत्यधिक ऑलराउंडर्स खिलाए, जिससे टीम का संतुलन बिगड़ गया। उन्होंने उदाहरण देते हुए नीतीश रेड्डी का जिक्र किया जो घरेलू सीजन में सिर्फ 14 ओवर फेंककर टेस्ट टीम में पेस ऑलराउंडर की भूमिका निभाने आए।
कार्तिक ने कहा:
इस सीरीज में भारत के केवल दो खिलाड़ियों ने फिफ्टी बनाई, जबकि दक्षिण अफ्रीका के सात खिलाड़ियों ने अर्धशतक जमाए। यह साफ दिखाता है कि हम कितने पीछे हैं।
नंबर-3 की अस्थिरता बड़ी कमजोरी
पूर्व विकेटकीपर ने नंबर-3 की भूमिका को टीम की सबसे बड़ी कमजोरी बताया। उन्होंने कहा कि पिछले टेस्ट चैंपियनशिप में नंबर-3 की जगह लगातार बदलती रही और बल्लेबाज का औसत केवल 26 का रहा।
कार्तिक ने तंज भरे अंदाज में कहा:
आखिर हमारा पक्का नंबर-3 कौन है? कभी सुदर्शन खेलते हैं कभी वॉशिंगटन सुंदर। हर मैच में बदलाव करने से टीम में स्थिरता कैसे आएगी? अगला टेस्ट अगले साल दिनेश कार्तिक ने यह भी याद दिलाया कि अगला टेस्ट अगले साल जून में है, यानी सात महीने का लंबा अंतर। उन्होंने सवाल
उठाया, क्या हम इस हार को भूल जाएंगे, या इसे सुधार की शुरुआत के रूप में इस्तेमाल करेंगे?
भारतीय टीम के लिए यह हार केवल अंक तालिका में नहीं बल्कि मानसिक और रणनीतिक चुनौती के रूप में भी सामने आई है। फैन्स और विशेषज्ञ अब देख रहे हैं कि टीम इंडिया इस गंभीर चेतावनी को सुधार की दिशा में कैसे इस्तेमाल करती है।
