गुवाहाटी। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच जारी दो मैचों की टेस्ट सीरीज में दूसरे मुकाबले ने शुरुआत से ही इतिहास रच दिया। गुवाहाटी के बारसापारा स्टेडियम में जब भारतीय टीम मैदान पर उतरी तो सभी की नजरें एक ही खिलाड़ी पर थीं-ऋषभ पंत। शुभमन गिल के गर्दन में ऐंठन के कारण बाहर हो जाने के बाद पंत को टीम की कमान सौंपी गई और इसी के साथ उन्होंने भारतीय टेस्ट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
गिल के बाहर होते ही बदला समीकरण, पंत ने पहनाई कप्तानी की बागडोर
शुभमन गिल पिछले कुछ समय से भारतीय टेस्ट टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं, लेकिन दूसरे टेस्ट की पूर्व संध्या पर उन्हें अचानक गर्दन में तेज ऐंठन की शिकायत हुई। मेडिकल टीम के आकलन के बाद गिल को मैच से बाहर कर दिया गया। इसके बाद टीम मैनेजमेंट ने जिम्मेदारी सौंपी ऋषभ पंत को-जो पहले ही खुद को भारतीय टेस्ट क्रिकेट का आक्रामक चेहरा साबित कर चुके हैं।मैदान पर कदम रखते ही पंत भारत के 38वें टेस्ट कप्तान बन गए। यह उपलब्धि उन्हें भारतीय कप्तानी की प्रतिष्ठित सूची में ले जाती है, जिसमें लाला अमरनाथ, सुनील गावस्कर, मोहम्मद अजहरुद्दीन, सौरव गांगुली, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली जैसे दिग्गज शामिल हैं।
भारतीय क्रिकेट के 93 साल और 38 कप्तान-तीसरे पायदान पर पहुंचा भारत।
पंत के कप्तान बनने के साथ ही भारतीय क्रिकेट में एक और बड़ा रिकॉर्ड जुड़ गया।टेस्ट क्रिकेट में अब तक भारत ने 38 अलग-अलग कप्तान देखे हैं। यह आंकड़ा भारत को उन टीमों की सूची में ऊपर ले आता है, जिनके सबसे ज्यादा टेस्ट कप्तान रहे हैं।
इंग्लैंड -82 कप्तान
ऑस्ट्रेलिया -47 कप्तान
दक्षिण अफ्रीका -42 कप्तान
भारत -38 कप्तान
वेस्टइंडीज -38 कप्तान
भारत और वेस्टइंडीज इस समय संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं।धोनी के बाद ऐसा करने वाले दूसरे विकेटकीपर बने पंतभारतीय टेस्ट इतिहास में कप्तान बनने वाले विकेटकीपर बहुत कम रहे हैं।पंत से पहले यह उपलब्धि केवल महेंद्र सिंह धोनी के पास थी।धोनी ने साल 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट कप्तानी करते हुए अपना डेब्यू किया था। दिलचस्प बात यह है कि पंत भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ही अपना टेस्ट कप्तानी डेब्यू कर रहे हैं यानी 17 साल बाद एक विकेटकीपर फिर से इसी टीम के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम का नेतृत्व कर रहा है।पंत की कप्तानी को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि उनका तेजतर्रार खेल, सकारात्मक एप्रोच और साहसिक फैसले भारतीय टेस्ट टीम में नई ऊर्जा भर सकते हैं।गुवाहाटी टेस्ट प्लेइंग XI में हुए बड़े बदलावगिल के बाहर जाने के साथ ही टीम में नया संतुलन बनाना पड़ा। भारत ने गुवाहाटी टेस्ट के लिए यह प्लेइंग XI उतारी।
भारत:
केएल राहुल, यशस्वी जयसवाल, साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल, ऋषभ पंत कप्तान/विकेटकीपर, रविंद्र जडेजा, नितीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज
दक्षिण अफ्रीका:
एडन मार्करम, रयान रिकेल्टन, वियान मुल्डर, टेम्बा बावुमा कप्तान, टोनी डी जॉर्जी, ट्रिस्टन स्टब्स, काइल वेरिन विकेटकीपर, मार्को जानसन, सेनुरन मुथुसामी, साइमन हार्मर, केशव महाराज दक्षिण अफ्रीका पहले ही एक बड़ा झटका झेल चुका है क्योंकि कप्तान टेम्बा बावुमा के बाद एक और प्रमुख खिलाड़ी भी सीरीज से बाहर हो गया है। इससे टीम बैकफुट पर दिख रही है और भारत को बढ़त लेने का बड़ा मौका मिला है।
क्या पंत नई विरासत की शुरुआत करेंगे?
ऋषभ पंत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी बल्लेबाजी और आक्रामक मानसिकता से कई मुश्किल मैच भारत को जिताए हैं। अब कप्तान के रूप में उनसे उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं।भारतीय क्रिकेट में युवा नेतृत्व का दौर फिर शुरू हो सकता है-और पंत का यह कदम आने वाले वर्षों की दिशा तय कर सकता है।
