नई दिल्ली । नई दिल्ली। भारतीय कप्तान और स्टार बल्लेबाज रॉहित शर्मा ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ समाप्त हुई तीन मैचों की वनडे सीरीज में मिली सफलता का श्रेय अपनी व्यक्तिगत तैयारी को दिया। भारत ने तीसरे और अंतिम वनडे में सिडनी में ऑस्ट्रेलिया को नौ विकेट से हराकर टीम इंडिया को क्लीन स्वीप से बचाया, जबकि मेहमान टीम ने सीरीज 2-1 से जीती।
बीसीसीआई वेबसाइट से बातचीत में रॉहित ने कहा कि उन्होंने अपनी तैयारी इस आत्मबोध से की कि पेशेवर रूप से प्रतिबद्ध होने के अलावा जीवन के और भी पहलू हैं। उन्होंने कहा, “जब से मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया है, मेरे पास कभी किसी सीरीज के लिए चार-पाँच महीने नहीं होते थे। इस बार मैंने इसका उपयोग अपने तरीके से तैयारी करने में किया। यह मेरे लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ क्योंकि मुझे समझ में आया कि करियर के अगले चरण के लिए मुझे क्या करना चाहिए।”
रॉहित को आईपीएल 2025 के बाद पहली बार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने का अनुभव मिला। इसके बावजूद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज का खिताब हासिल किया। उन्होंने कहा, “घर पर की गई तैयारी ने मुझे यहां मैदान पर सही लय में आने में मदद की। स्वदेश और विदेश की परिस्थितियों में फर्क है, लेकिन मैंने इसे अपने तरीके से अपनाया।”
तीसरे वनडे में रॉहित ने विराट कोहली के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की। उन्होंने साझा किया, “दो नई गेंदों के साथ शुरुआत चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन एक बार गेंद की चमक खत्म होने के बाद चीजें आसान हो गईं। काफी लंबे समय बाद कोहली के साथ 100 रन की साझेदारी करना अच्छा अनुभव रहा।”
रॉहित ने श्रेयस अय्यर की चोट के कारण बल्लेबाजों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आने का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हमने मैदान पर हर पल का आनंद लिया। कोहली के साथ लंबे समय से खेलते आ रहे हैं, इसलिए हम एक-दूसरे की समझ का फायदा उठा पाए। अनुभव का सही इस्तेमाल करते हुए हमने मैच को सकारात्मक दिशा में मोड़ा।”
इस प्रकार रॉहित शर्मा की रणनीतिक तैयारी और अनुभव ने भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम वनडे में निर्णायक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
