मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के फाइनल में कुल 499 रन बने थे और दर्शकों ने रनों की बारिश का आनंद लिया। फाइनल में भी ऐसा ही हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है। ESPNcricinfo की रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनल में स्कोर लगभग 200 रन के आसपास रहने की उम्मीद है। शुरुआत में यह माना जा रहा था कि हरी घास वाली पिच तेज गेंदबाजों को मदद दे सकती है, लेकिन सेमीफाइनल में बल्लेबाजों ने शानदार खेल दिखाते हुए पिच पर रन बनाए।
भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में जसप्रीत बुमराह ही ऐसे गेंदबाज रहे जिन्होंने अपनी सटीक लाइन और विविधता से लगातार दबाव बनाए रखा। वहीं वरुण चक्रवर्ती ने चार ओवर में 64 रन खर्च किए और अक्षर पटेल ने तीन ओवर में 35 रन दिए। इससे साफ है कि फाइनल में बाकी गेंदबाजों को रन रोकने में चुनौती होगी।
फाइनल मुकाबला सेंटर पिच पर खेला जाएगा, जिसमें लाल और काली मिट्टी का मिश्रण है। इस टूर्नामेंट में अब तक सेंटर पिच पर सिर्फ एक ही मैच खेला गया है। 9 फरवरी को हुए उस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने कनाडा को 53 रन से हराया था और पहले बल्लेबाजी करते हुए 213 रन बनाए थे। सेंटर पिच बल्लेबाजों को मदद देने वाली साबित हो सकती है।
भारत इस टूर्नामेंट में नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर दो मैच खेल चुका है। ग्रुप स्टेज में नीदरलैंड्स को 17 रन से हराया गया, लेकिन सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। भारत के पास इस बार न्यूजीलैंड के खिलाफ रिकॉर्ड बदलने का मौका है क्योंकि अब तक दोनों टीमों के बीच तीन मैच हुए हैं और तीनों में न्यूजीलैंड विजयी रही है।
टी20 विश्व कप का इतिहास बताता है कि लगातार दो टी20 विश्व कप किसी भी टीम ने नहीं जीते हैं। भारतीय टीम इस बार अपने इतिहास को बदलने और लगातार दूसरा खिताब जीतने का अवसर हाथ से जाने नहीं देना चाहती। गेंदबाजों के लिए चुनौती कठिन होगी, लेकिन बल्लेबाजों की जोड़ी और तेज गेंदबाजी के संतुलन पर फाइनल का रोमांच निर्भर करेगा।
इस फाइनल मुकाबले में गेंदबाजों की रणनीति, बल्लेबाजों की आक्रमकता और पिच की स्थितियां तय करेंगी कि किस टीम का पलड़ा भारी होगा। हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है और क्रिकेट फैंस को इस रोमांचक फाइनल का बेसब्री से इंतजार है।
