इनवर्टर AC को आधुनिक तकनीक पर आधारित एयर कंडीशनर माना जाता है। इस तकनीक में लगा कंप्रेसर कमरे के तापमान के अनुसार अपनी स्पीड को कम या ज्यादा कर सकता है। जब कमरे का तापमान सेट किए गए स्तर के करीब पहुंच जाता है तब कंप्रेसर बंद नहीं होता बल्कि धीमी गति से लगातार चलता रहता है। इससे कमरे का तापमान स्थिर बना रहता है और बार बार मशीन के ऑन ऑफ होने की जरूरत नहीं पड़ती। इस तकनीक की वजह से इनवर्टर AC अधिक स्मूद कूलिंग देता है और बिजली की खपत भी नियंत्रित रहती है।
दूसरी ओर नॉन इनवर्टर AC पारंपरिक तकनीक पर आधारित होते हैं। इसमें लगा कंप्रेसर केवल दो स्थितियों में काम करता है या तो वह पूरी तरह चालू रहता है या फिर पूरी तरह बंद हो जाता है। जब तक कमरे का तापमान तय स्तर तक नहीं पहुंचता तब तक कंप्रेसर पूरी क्षमता से चलता रहता है। जैसे ही कमरा ठंडा हो जाता है कंप्रेसर बंद हो जाता है और तापमान बढ़ने पर फिर से चालू हो जाता है। इसी कारण नॉन इनवर्टर AC में बार बार ऑन ऑफ की प्रक्रिया चलती रहती है।
बिजली की खपत के मामले में इनवर्टर AC को ज्यादा बेहतर माना जाता है। इसमें कंप्रेसर जरूरत के अनुसार अपनी स्पीड को एडजस्ट करता है जिससे बिजली की खपत कम हो सकती है। अगर किसी घर या ऑफिस में AC का इस्तेमाल लंबे समय तक किया जाता है तो इनवर्टर AC बिजली के बिल को नियंत्रित रखने में मददगार साबित हो सकता है। इसके विपरीत नॉन इनवर्टर AC हर बार पूरी क्षमता से काम करता है इसलिए इसमें बिजली की खपत अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकती है।
कूलिंग की बात करें तो दोनों तरह के AC अच्छी कूलिंग देने में सक्षम होते हैं। हालांकि बड़ी जगह को तेजी से ठंडा करने के लिए नॉन इनवर्टर AC बेहतर माना जाता है क्योंकि इसका कंप्रेसर पूरी क्षमता से काम करता है। वहीं इनवर्टर AC लगातार और संतुलित कूलिंग देने में बेहतर होता है जिससे कमरे का तापमान लंबे समय तक स्थिर बना रहता है।
AC की लाइफ और मेंटेनेंस के मामले में दोनों ही विकल्प अच्छी अवधि तक चल सकते हैं। हालांकि इनवर्टर AC में कंप्रेसर को नियंत्रित करने के लिए PCB यानी इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल बोर्ड लगा होता है इसलिए अगर इसमें खराबी आती है तो मरम्मत का खर्च थोड़ा ज्यादा हो सकता है। दूसरी ओर नॉन इनवर्टर AC की तकनीक अपेक्षाकृत सरल होती है इसलिए इसके पार्ट्स आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं और इसे ठीक कराना भी आसान और सस्ता माना जाता है।
आप बिजली की बचत और लगातार कूलिंग चाहते हैं तो इनवर्टर AC बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं अगर आप कम कीमत में AC खरीदना चाहते हैं और इसका इस्तेमाल सीमित समय के लिए करते हैं तो नॉन इनवर्टर AC भी एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।
