इन यूजर्स के लिए ज्यादा मुसीबत
पहले WhatsApp वेरिफ़ाई करने के बाद फोन में SIM हटाकर भी ऐप चलता था और Web/desktop पर भी अकाउंट लॉगिन रहता था। लेकिन अब यह सिस्टम बदल गया है। नई नियमों के बाद अगर फोन में वो SIM मौजूद नहीं है, तो ऐप काम नहीं करेगा या फिर re-verification करना पड़ेगा। खासकर उन यूजर्स को परेशानी होगी जो दो फोन, टैबलेट या कंप्यूटर पर अकाउंट काफी समय तक चालू रखते थे।
इस वजह से बना है नया रूल
सरकार ने यह कदम साइबर फ्रॉड और ठगी को रोकने के मकसद से उठाया है क्योंकि कई बार धोखेबाज पुराने या नकली SIM से WhatsApp अकाउंट को जारी रखते हैं और उसके जरिये गलत काम करते हैं। लेकिन यूजर को अब रोजमर्रा के इस्तेमाल में थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
यूजर्स को दिखेगा ये बदलाव
सबसे बड़ा असर उन यूजर्स पर होगा जो: एक ही SIM से दो फैबो फोन या टैब में ऐप चलाते थे, WhatsApp Web/desktop का हर वक्त इस्तेमाल करते थे, अक्सर SIM निकालकर दूसरी डिवाइस में लगाने की आदत रखते हैं। अब हर छह घंटे में WhatsApp Web और Telegram Web ऑटोमेटिक लॉग-आउट होगा और फिर से लॉगिन के लिए आपको अपने फोन में वहीं SIM डालना होगा जिससे अपने अकाउंट बनाया हुआ है।
ये लोग हो रहे नए रूल सबसे ज़्यादा प्रभावित
वे लोग जिनके पास एक ही नंबर से कई फोन और टैब हैं, उन्हें बार-बार एक्टिवेशन करना पड़ेगा। वे जो PC/लैपटॉप पर रोज Web या Desktop संस्करण इस्तेमाल करते हैं, हर छह घंटे में रीकॉनैक्ट करना पड़ेगा।
इन पर भी असर
विदेश यात्रा के दौरान लोकल SIM डालने पर असली नंबर से जुड़े अकाउंट को फिर से वेरिफिकेशन करना पड़ेगा। Wi-Fi वाले टैबलेट या दूसरे डिवाइस पर यूज करना अब कठिन हो सकता है।
