नई दिल्ली। हॉन्गकॉन्ग के वांग फुक कोर्ट में आठ टावरों वाले एक विशाल अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लग गई, जिसमें अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है और 68 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं, पुलिस के अनुसार अभी भी 279 लोग लापता हैं।
यह कॉम्प्लेक्स 35 मंजिला आठ इमारतों का था, जिसमें लगभग दो हजार अपार्टमेंट शामिल थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन टावरों की बहुमंजिला संरचनाओं को बांस की मचान से ढका गया था, जिसने आग को तेजी से फैलने में मदद की।
आग पर काबू पाने की जद्दोजहद
चार इमारतों में लगी आग पर लगभग 10 घंटे बाद सुबह तक काबू पाया गया, जबकि तीन इमारतों में आग पर 20 घंटे बाद भी नियंत्रण नहीं हो पाया। आग बुझाने वाले दल को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, क्योंकि कई मंजिलों पर तापमान इतना अधिक था कि फायर फाइटर्स उन जगहों तक पहुँच ही नहीं पा रहे थे। इसी दौरान एक फायर फाइटर की मौत भी हुई।
तेज हवा और जलते हुए मलबे की वजह से लपटें एक इमारत से दूसरी इमारत तक फैलती चली गईं। आग भड़की तो कई लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी क्योंकि मरम्मत के कारण खिड़कियां बंद थीं।
पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया
मामले में पुलिस ने कॉम्प्लेक्स के ठेकेदार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। उन पर आग लगने में लापरवाही या गैर-इरादतन हत्या का शक जताया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी उनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। साथ ही 7 दिसंबर को होने वाले चुनाव से पहले चुनाव प्रचार गतिविधियां भी स्थगित कर दी गई हैं।
इतिहास में अब तक की सबसे भीषण आग
इतिहास में अब तक की सबसे भीषण आग
हॉन्गकॉन्ग मीडिया साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार यह आग 77 साल में सबसे भीषण मानी जा रही है। इससे पहले 1948 में पांच मंजिला गोदाम में आग और विस्फोट में 176 लोग मारे गए थे।
इसके बाद 1962 में शुई पो इलाके में आग में लगभग 44 लोग मारे गए। वहीं नवंबर 1996 में कोवलून के गार्ले बिल्डिंग में आग लगने से 41 लोग मरे और 81 घायल हुए थे।
इसके बाद 1962 में शुई पो इलाके में आग में लगभग 44 लोग मारे गए। वहीं नवंबर 1996 में कोवलून के गार्ले बिल्डिंग में आग लगने से 41 लोग मरे और 81 घायल हुए थे।
बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
आग लगने के समय अधिकांश बुजुर्ग घर में आराम कर रहे थे जिसके कारण वे समय पर बाहर नहीं निकल पाए। यही वजह है कि ज्यादातर घायल बुजुर्ग हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और मदद
इस हादसे पर जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका सहित कई देशों ने संवेदनाएं जताई हैं। वहीं, मैकडॉनल्ड्स ने आपदा प्रभावितों की मदद के लिए 1000 फूड पैकेट मुफ्त देने का ऐलान किया है।
पुलिस और अग्निशमन विभाग अभी यह पता लगाने में जुटे हैं कि कितने लोग लापता हैं और कितनों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। राहत और बचाव कार्य अब भी जारी है।
