न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने मध्य पूर्व में ढलानों और ईरान की कार्रवाई को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान ने फूल पेट्रोल और जरूरी सामान ले जाने वाले साथियों के स्ट्रेट को पूरी तरह से बंद करने पर मजबूर कर दिया है, जिससे न्यूजीलैंड और अन्य देशों में तेल और जरूरी सामान ले जाने लगे हैं।
पीट लक्सन ने कहा, “न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड हमेशा से खुला स्टॉक शेयरहोल्डिंग और बहुप्रतिक्षित साझेदारी के माध्यम से ग्लोबल ट्रेड को सुरक्षित बनाए रखने का है। होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी हमारी इंडस्ट्री इसी दिशा में काम करती है।”
संयुक्त बयान में देशों की सूची में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनिश, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फ़िनलैंड, चेकिया, रोमानिया, बहरीन और लिथुआनिया शामिल हैं। इन ईस्ट ने मिलकर कहा कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को लाभ पहुंचाता है और आतंकवादियों पर हमले करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।
बयान में यह स्पष्ट किया गया कि इस तरह के कदम वैश्विक ऊर्जा परमाणु ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय शांति के लिए खतरा हैं। इसमें मांग की गई कि ईरान सागर, मिसाइल हमले और माइन प्लांट जैज़ को तुरंत बंद करें। साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का पालन किया जाये।
होर्मुज स्ट्रीट दुनिया के लिए साम्राज्य के रूप में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह तेल और गैस की अंतरराष्ट्रीय एस्ट्राडोल लाइन का मुख्य मार्ग है। किसी भी तरह की रोक या बाधा से वैश्विक बाजार और आर्थिक स्थिरता पर असर पड़ सकता है।
न्यूजीलैंड और अन्य देशों ने यह भी कहा कि स्ट्रेट से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए बहुप्रतीक्षित प्रयास का समर्थन जारी रखें। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि सभी देशों को समुद्री कानून का सम्मान दिया जाए और अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा परमाणु ऊर्जा की आजादी बरकरार रखी जाए।
यह घटना केवल मध्य पूर्व का नहीं बल्कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार का महत्वपूर्ण मार्ग है। ईरान की कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
