काहिरा। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और कई अरब देशों पर हुए कथित ईरानी हमलों के बाद स्थिति पर चर्चा के लिए अरब लीग ने विदेश मंत्रियों की आपात बैठक बुलाने का फैसला किया है। यह बैठक रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित की जाएगी।
अरब लीग के सहायक महासचिव होसाम जकी ने शनिवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि इस विशेष बैठक का प्रस्ताव कुवैत, सऊदी अरब, कतर, ओमान, जॉर्डन और मिस्र जैसे सदस्य देशों ने संयुक्त रूप से रखा है। बैठक में खाड़ी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा को प्रभावित करने वाली हालिया घटनाओं की समीक्षा की जाएगी और इस मुद्दे पर साझा अरब रुख तय करने की कोशिश की जाएगी।
पड़ोसी देशों को निशाना बनाने का इरादा नहीं: ईरान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने की बात कही गई थी। राज्य टीवी पर प्रसारित अपने रिकॉर्डेड संदेश में उन्होंने कहा कि ऐसी उम्मीद करना केवल एक सपना है, जो कभी पूरा नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।
क्षेत्रीय हमलों पर जताया खेद
हालांकि राष्ट्रपति पेजेशकियन ने खाड़ी के कुछ देशों पर हुए हालिया हमलों पर खेद भी जताया। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं गलतफहमी के कारण हुईं और ईरान भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने का प्रयास करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पड़ोसी देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला नहीं किया जाता, तब तक तेहरान की ओर से किसी को निशाना बनाने का इरादा नहीं है।
ईरानी मीडिया के अनुसार, इस संबंध में ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने भी अपनी मंजूरी दे दी है। यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब शनिवार सुबह बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर हमलों की खबरों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहा तनाव
पश्चिम एशिया में हालात पिछले कुछ दिनों में तेजी से बदले हैं। 28 फरवरी को शुरू हुए टकराव के बाद से ईरान, इस्राइल समेत पश्चिम एशिया के 13 देशों को निशाना बना चुका है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान की सैन्य गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।
