नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की ताकत और देश की स्वदेशी टेक्नोलॉजी का गर्व माने जाने वाले हल्के लड़ाकू विमान LCA Tejas ने शुक्रवार को दुबई एयर शो में बड़ा हादसा झेल लिया। प्रदर्शन उड़ान के दौरान विमान बेकाबू होकर क्रैश हो गया और देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गया। इस घटना ने न केवल दर्शकों के बीच अफरा-तफरी मचा दी बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की एयरोस्पेस क्षमता को भी सवालों के घेरे में ला दिया।दुबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर आयोजित एयर शो में दोपहर लगभग 2:10 बजे यह हादसा हुआ। तेजस विमान शानदार एरोबेटिक्स का प्रदर्शन कर रहा था कि अचानक उसमें तकनीकी गड़बड़ी दिखाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विमान कुछ ही सेकंड में नियंत्रण खो बैठा और तेज धमाके के साथ जमीन से टकराते ही आग की भीषण लपटों में बदल गया। हादसे के बाद काले धुएं का विशाल गुबार आसमान में फैल गया जिसके चलते एयर शो को तत्काल रोकना पड़ा।
पायलट की सुरक्षा पर रहस्य बरकरार
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल पायलट की स्थिति को लेकर बना हुआ है। वायुसेना सूत्रों के मुताबिक यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि पायलट समय रहते इजेक्ट कर पाए या नहीं।दुर्घटनास्थल पर दमकल और रेस्क्यू टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला लेकिन दुर्घटनास्थल की गंभीर स्थिति के कारण आधिकारिक पुष्टि में देरी हो रही है।दर्शकों को सुरक्षा नियमों के तहत तेजी से इलाके से हटाया गया। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को एयर शो ग्राउंड से दूर सुरक्षित शीटर में ले जाया गया।
तेजस से जुड़ी ऑयल ली विवाद की फिर चर्चा
हादसे से ठीक एक दिन पहले सोशल मीडिया पर तेजस Mk-1 के एक वीडियो में तेल लीक होने का दावा वायरल हुआ था। रक्षा मंत्रालय की फैक्ट-चेक इकाई PIB ने इस दावे को गलत करार देते हुए बताया था कि यह ऑयल लीक नहीं, बल्कि विमान के ECS और OBOGS सिस्टम से निकलने वाला सामान्य कंडेंस्ड वॉटर था, जो गर्म और आर्द्र मौसम में सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि PIB की सफाई के सिर्फ 24 घंटे बाद हुए इस बड़े हादसे ने विमान की तकनीकी विश्वसनीयता और सुरक्षा मानकों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि यह महज संयोग हो सकता है, लेकिन दुर्घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जांच बेहद ज़रूरी है।
DRDO-HAL में चिंता, IAF ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश
इस घटना ने भारत के रक्षा प्रतिष्ठान-विशेष रूप से DRDO रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और विमान निर्माता HAL हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड-को गहरा झटका दिया है। अंतरराष्ट्रीय एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म पर भारतीय विमान से जुड़ा ऐसा हादसा देश की रक्षा तकनीक के लिए बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।भारतीय वायुसेना ने घटना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश जारी कर दिए हैं। विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम यह जांच करेगी कि हादसा तकनीकी खराबी, पायलट की त्रुटि संरचनात्मक कमजोरी या किसी अन्य कारण से हुआ।DRDO और HAL के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच भी आपात बैठकें शुरू हो गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना की गहन जांच के बाद ही तेजस कार्यक्रम से जुड़े अगले चरणों पर विचार किया जाएगा।
भारत की रक्षा महत्वाकांक्षाओं पर असर?
तेजस, भारत के स्वदेशी रक्षा कार्यक्रम का मजबूत स्तंभ माना जाता है। अभी हाल ही में तेजस Mk-1A के लिए विदेशी देशों की कई रुचि भी सामने आई थी। ऐसे में दुबई एयर शो में हुए इस हादसे का असर भारत की एक्सपोर्ट योजनाओं और वैश्विक भरोसे पर पड़ सकता है। रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि यह दुर्घटना भले ही एक अलग घटना हो, लेकिन इसे गंभीरता से लेकर सुधारात्मक कदम तत्काल उठाना आवश्यक है।
