नई दिल्ली/इस्लामाबाद। पाकिस्तानी नागरिकों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा दिन–प्रतिदिन मुश्किल होती जा रही है। खासकर मध्य पूर्व के सबसे लोकप्रिय और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण देशों में से एक-संयुक्त अरब अमीरात UAE-ने हाल के समय में वीज़ा जारी करने की प्रक्रिया को अत्यंत कठोर बना दिया है। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी सलमान चौधरी के मुताबिक, UAE ने भले ही किसी आधिकारिक प्रतिबंध की घोषणा नहीं की हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सामान्य पाकिस्तानी यात्रियों के लिए वीज़ा पाना पहले से कई गुना अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।
🇦🇪 वीज़ा रिजेक्शन दर 70–80% तक पहुँची
पाकिस्तानी अंग्रेज़ी दैनिक डॉन DAWN की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर के ट्रैवल एजेंटों ने खुलासा किया है कि पहली बार UAE वीज़ा लेने वालों और सिंगल-एंट्री वीज़ा आवेदकों में से 70 से 80% को वीज़ा नहीं मिल रहा। यह दर पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है और यह दर्शाती है कि UAE ने पाकिस्तानी नागरिकों के प्रवेश को लगभग नियंत्रित स्तर पर ला दिया है। किन्हें अधिक प्राथमिकता मिल रही है
कुछ श्रेणियों को अभी भी वीज़ा मिलने की संभावना रहती है- ब्लू या डिप्लोमैटिक पासपोर्ट धारक।
वे लोग जिनके परिवार UAE में पहले से रह रहे हों
जिनके पास स्थायी नौकरी का ऑफर हो या लंबे समय से निवासी वीज़ा हो इन श्रेणियों के बाहर के आवेदकों के लिए वीज़ा मंज़ूरी लगभग असंभव जैसी हो गई है।40 वर्ष से कम उम्र वालों की जाँच और कठोर ट्रैवल एजेंसियों ने बताया कि UAE अधिकारी विशेष रूप से 40 वर्ष से कम उम्र के पुरुष आवेदकों की सख्त जांच कर रहे हैं। इनकी प्रोफाइल, यात्रा इतिहास, बैंक स्टेटमेंट, नौकरी का प्रमाण और पारिवारिक विवरण तक गहराई से सत्यापित किया जा रहा है।
सख्ती की क्या वजहें बताई जा रही हैं?
पाकिस्तानी अधिकारियों और यात्रा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इसके संभावित कारण बताए-अपराध और भिक्षावृत्ति के मामले: हाल के महीनों में UAE में पकड़े जाने वाले अपराधियों तथा भीख माँगने वालों में कई पाकिस्तानी नागरिक शामिल पाए गए। इससे UAE प्रशासन ने नियम और कठोर कर दिए हैं।
फर्ज़ी और संदिग्ध दस्तावेज़:
UAE का वीज़ा जाँच सिस्टम अब AI आधारित मॉड्यूल पर काम करता है। सिस्टम को जैसे ही किसी दस्तावेज़ में छेड़छाड़ या असंगति का संकेत मिलता है, आवेदन तत्काल खारिज कर दिया जाता है।अत्यधिक नौकरी-खोज आवेदक: बड़ी संख्या में युवा पाकिस्तान से UAE जाकर नौकरी की तलाश करना चाहते हैं। इससे UAE परसामाजिक और आर्थिक दबाव बढ़ने की संभावना जताई गई है।
दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट में पाकिस्तान शामिल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तानी पासपोर्ट को कमज़ोर पासपोर्ट की श्रेणी में रखा जाता है, जिसका अर्थ है कि इसके धारकों को दुनिया के अधिकांश देशों में यात्रा से पहले कड़े वीज़ा मानकों का सामना करना पड़ता है। UAE के अलावा कई देशों ने पिछले वर्षों में पाकिस्तानी नागरिकों की एंट्री पर या तो कड़े नियम लगाए हैं या पूरी तरह रोक लगा दी है।चार देशों में कठोर प्रतिबंध या पूर्ण वीज़ा बंद
नीचे वे देश हैं जहाँ पाकिस्तानियों को वीज़ा मिलना लगभग असंभव या पूरी तरह बंद हो चुका है-
क्रम देश प्रतिबंध का प्रकार मुख्य कारण
1 भारत वीज़ा सेवाएँ पूर्णत: बंद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव; सभी प्रकार के टूरिस्ट, बिजनेस और मेडिकल वीज़ा बंद
2 इज़राइल कठोर प्रतिबंध राजनयिक संबंध नहीं; केवल विशेष सरकारी अनुमति से ही एंट्री
3 लीबिया लगभग पूर्ण वीज़ा बैन देश में अस्थिरता, संघर्ष और सुरक्षा जोखिम
4 सूडान कड़े नियम, वीज़ा मिलना कठिन राजनीतिक स्थिति, संदिग्ध दस्तावेज़ और सुरक्षा कारण
इन प्रतिबंधों का सीधा असर पाकिस्तानियों के विदेश में रोजगार, शिक्षा और व्यापार के अवसरों पर पड़ रहा है।
वैश्विक यात्रा और कठिन होती
दुनिया के कई क्षेत्र अब सुरक्षा के मामले में अत्यधिक संवेदनशील हो चुके हैं। ऐसे में पाकिस्तानी यात्रियों को न केवल वीज़ा पाने में दिक्कत आती है, बल्कि स्वीकृत होने पर उन्हें कठोर नियमों के साथ यात्रा करनी पड़ती है। UAE का मामला इन चुनौतियों का नवीनतम उदाहरण है, जहाँ बिना किसी आधिकारिक घोषणा के वीज़ा नीति में वास्तविक रूप से अदृश्य प्रतिबंध लागू हो गए हैं।
