इस संघर्ष में अब तक ईरान में 742 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 176 बच्चे शामिल हैं। घायल हुए लोगों की संख्या 750 से अधिक है। इस हिंसा ने पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा की स्थिति पैदा कर दी है। लेबनान के बेरूत में इजराइली सेना ने हिज्बुल्लाह से जुड़े अल-मनार टीवी स्टेशन की इमारत को निशाना बनाया, जिससे प्रसारण कुछ समय के लिए बाधित हुआ। हालांकि, हमले के बाद प्रसारण फिर से शुरू कर दिया गया।
ईरान के मिनाब शहर में गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले में मारी गई 165 लड़कियों का अंतिम संस्कार भी हुआ। इस दौरान हजारों लोग इकट्ठा हुए, और एक मां ने मंच से अमेरिका पर हमले का आरोप लगाया। भीड़ ने ‘अमेरिका मुर्दाबाद’, ‘इजराइल मुर्दाबाद’ और ‘नो सरेंडर’ जैसे नारे लगाए। ईरानी मीडिया ने हमले का आरोप इजराइल पर लगाया, जबकि इजराइली सेना ने इसे नकारा।
इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध लंबा और अंतहीन नहीं होगा। उनका कहना है कि यह संघर्ष क्षेत्र में स्थायी शांति लाने का अवसर बन सकता है। उन्होंने पहले हुए अब्राहम अकॉर्ड्स का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका के साथ मिलकर अब और देशों के साथ शांति समझौते भी संभव हैं।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प अमेरिका को लंबी और अनिश्चित लड़ाई में नहीं फंसने देंगे। उन्होंने कहा कि ईरान पर हमला विशेष रणनीति के तहत किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों। ट्रम्प की अनुमति के बिना कोई युद्ध लंबे समय तक जारी नहीं रहेगा, जिससे अमेरिका को इराक और अफगानिस्तान जैसी लंबी लड़ाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सुरक्षा के मद्देनजर अमेरिका ने जॉर्डन, बहरीन और इराक से गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है। जॉर्डन और बहरीन में ईरान से ड्रोन और मिसाइल हमले का खतरा है, जबकि इराक में हिंसा और अपहरण का भी जोखिम बना हुआ है। अमेरिकी दूतावासों में केवल आवश्यक स्टाफ ही रहेंगे, और फ्लाइट्स रद्द होने के कारण नागरिकों को सुरक्षित निकासी का निर्देश दिया गया है।
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने मध्य-पूर्व की सुरक्षा स्थिति को गंभीर बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने शांति बहाल करने और संघर्ष को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। इस बीच अमेरिका और इजराइल की मिलीजुली कार्रवाई, ईरानी नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए नए संकट की घंटी साबित हो रही है।
