भोपाल। वर्ष 1975-77 के आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर बहुभाषी समाचार एजेंसी हिन्दुस्थान समाचार द्वारा 19 फरवरी 2026, गुरुवार को दोपहर 2:00 बजे से सेम ग्लोबल यूनिवर्सिटी, रायसेन रोड, भोपाल में “इमरजेंसी के 50 साल: आपातकाल और युवा” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है।
इस संगोष्ठी का उद्देश्य भारतीय लोकतंत्र के उस महत्वपूर्ण कालखंड की ऐतिहासिक समीक्षा करते हुए नई पीढ़ी को उससे जोड़ना है।
लोकतांत्रिक मूल्यों की परीक्षा का कालखंड
कार्यक्रम में वर्ष 1975 से 1977 के बीच लागू आपातकाल की पृष्ठभूमि, उसके राजनीतिक एवं सामाजिक प्रभावों तथा नागरिक अधिकारों पर पड़े व्यापक असर पर चर्चा होगी। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की आज़ादी, राजनीतिक गतिविधियों और नागरिक अधिकारों पर लगाए गए प्रतिबंधों के दूरगामी परिणामों का विश्लेषण किया जाएगा। विशेषज्ञ इस बात पर प्रकाश डालेंगे कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों की कठोर परीक्षा का समय था।
लोकतंत्र सेनानियों के अनुभवों से संवाद
संगोष्ठी में उन व्यक्तियों के अनुभव भी साझा किए जाएंगे, जो आपातकाल के दौरान आंदोलनों, गिरफ्तारी और जेल यात्राओं से जुड़े रहे और जिन्हें आज “लोकतंत्र सेनानी” के रूप में जाना जाता है। वे अपने संस्मरणों के माध्यम से बताएंगे कि उस समय के संघर्षों ने भारतीय लोकतंत्र की दिशा और नागरिक चेतना को किस प्रकार प्रभावित किया। साथ ही विभिन्न राज्यों में लोकतंत्र सेनानियों को दी गई मान्यता और सम्मान पर भी चर्चा होगी।
युवा पीढ़ी पर विशेष फोकस
कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु युवा वर्ग रहेगा। संगोष्ठी में यह विमर्श होगा कि वर्तमान पीढ़ी आपातकाल जैसे ऐतिहासिक प्रसंगों से क्या सीख ले सकती है और लोकतंत्र की रक्षा में उसकी क्या भूमिका हो सकती है।
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में सुरेश ‘भैयाजी’ जोशी (अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) अपने विचार रखेंगे।
मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन) कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
विशिष्ट अतिथियों में राजेंद्र शुक्ल (उपमुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन) तथा कैलाश सोनी (पूर्व राज्यसभा सदस्य, राष्ट्रीय अध्यक्ष, लोकतंत्र सेनानी संघ) शामिल रहेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अरविंद भालचंद्र मार्डीकर (अध्यक्ष, हिन्दुस्थान समाचार समूह) करेंगे, जबकि स्वागताध्यक्ष के रूप में डॉ. हरप्रीत सलूजा (चेयरमैन, सेम ग्रुप, भोपाल) उपस्थित रहेंगे।
इतिहास से सीख, भविष्य की दिशा
आयोजकों के अनुसार इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य केवल अतीत का स्मरण नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य की लोकतांत्रिक चेतना को सशक्त बनाना है। यह आयोजन लोकतांत्रिक विमर्श और ऐतिहासिक पुनरावलोकन का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है, जहां अतीत के अनुभव और वर्तमान की जिम्मेदारियां एक साथ सामने आएंगी।
