शिवपुरी, 8 मार्च । मध्यप्रदेश शासन की प्राथमिकता वाली भावांतर भुगतान योजना (रबी वर्ष 2025-26) के अंतर्गत सरसों फसल के लिए किसानों का पंजीयन 26 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक किया जा रहा है। योजना के तहत भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा राज्य की मंडियों में प्राप्त विक्रय मूल्य के अंतर की राशि किसानों को प्रदान की जाएगी। इसके लिए किसानों को ई-उपार्जन पोर्टल पर सरसों फसल का पंजीयन कराना अनिवार्य है।
जिला कलेक्टर के निर्देशन में जिले में कुल 36 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें सेवा सहकारी संस्थाएं शिवपुरी, गढ़ीबरौद, सतनवाड़ा, कोटा, पौहरी, बैराड़, परिच्छा, कोलारस, बैहटा, खरई, खतौरा, दीगोद, अकाझिरी, कुटवारा, पिछोर, कोलीपहाड़ी, दिनारा, खुदावली, करही, नरवर, मगरौनी, नरौआ, सुनारी, कमालपुर, मल्हावनी, भौंती, चिन्नौदी, खोड़, खनियाधाना, मुहारीकलां, बामौरकला, सिनावलखुर्द, गूडर तथा विपणन सहकारी संस्था कोलारस एवं खनियाधाना सहित अन्य केंद्र शामिल हैं, जहां किसान 20 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं।
इसके अतिरिक्त किसान कॉमन सर्विस सेंटर, एमपी ऑनलाइन तथा एमपी किसान ऐप के माध्यम से भी सरसों फसल का पंजीयन कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत किसान 23 मार्च से 30 मई 2026 तक मंडी में अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे। उपज विक्रय के बाद 15 दिनों के भीतर भावांतर की राशि किसान के आधार लिंक बैंक खाते में सीधे अंतरित की जाएगी।
भूमि स्वामी की मृत्यु होने की स्थिति में परिवार के अन्य सदस्य भी पंजीयन केंद्र पर पहुंचकर सरसों फसल का पंजीयन कराते हुए योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
