शिवपुरी– राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश राजेन्द्र प्रसाद सोनी के निर्देशन में शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवपुरी एवं प्रदूषण नियंत्रण इकाई के संयुक्त तत्वाधान में जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में पर्यावरण जन जागरूकता हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवपुरी की सचिव रंजना चतुर्वेदी द्वारा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के सदस्यों की उपस्थिति में जिला शिवपुरी क्षेत्राधिकार अंतर्गत समस्त औद्योगिक एवं अन्य संस्थानों के संचालकों से उनके उपक्रम द्वारा प्रदूषण नियंत्रण हेतु कार्ययोजना के बारे में चर्चा की गई।
कार्यशाला में कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा नगर पालिका शिवपुरी के अधिकारीगण को शहर को साफ-सुथरा रखने एवं कचरे को डोर टू डोर एकत्रित करने संबंधी निर्देश प्रदान किये गये। शहरी क्षेत्र में संचालित औद्योगिक इकाई, मैरिज गार्डन, कबाड़ एकत्रित करने वाली ईकाईयां, प्रायवेट अस्पताल, बैटरी विक्रेता, भवन निर्माण इकाईयां आदि को उनके उपक्रम द्वारा होने वाले प्रदूषण तथा उनके द्वारा उत्पन्न कचरे के समुचित विनिष्टीकरण हेतु शासन द्वारा जारी गाईडलाईन का कढ़ाई से पालन कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया। नगर पालिका शिवपुरी द्वारा सर्दी के मौसम में शहर के कई स्थानों पर जलने वाले अलाव में लकड़ी के स्थान पर फसल उपोत्पाद से बनने वाले कृत्रिम भूसे के गट्टों के उपयोग किये जाने संबंधी सुझाव दिए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवपुरी की सचिव रंजना चतुर्वेदी द्वारा प्रदूषण नियंत्रण ईकाई के प्रावधानों के अनुसार कार्य करने एवं निर्धारित प्रावधानों के उल्लघंन करने पर जुर्माना संबंधी प्रावधानों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। प्रदूषण नियंत्रण इकाई के सदस्यों से उनकी कार्ययोजना के बारे में पूछे जाने पर उनके द्वारा बताया गया, कि उपक्रमों द्वारा जन जागरूकता के पश्चात भी नियमों एवं मानकों का पालन न होने पर वर्ष 2025 में लगभग 10 प्रकरण पंजीकृत किये जा चुके है जो कि न्यायालय में विचाराधीन है। उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारीगण को उनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में किसी भी प्रकार के प्रदूषण की रोकथाम हेतु समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाये जाने एवं तत्पश्चात भी यदि किसी संस्था अथवा उपक्रम द्वारा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के मापदंडों का उल्लंघन करने पर जुर्माना संबंधी कार्यवाही किये जाने हेतु संबंधित को निर्देशित किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम हेतु विभिन्न प्रकार के उपाय एवं सुझाव प्रदान किये गये। आयोजित कार्यशाला में जिला शिवपुरी के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिसमें अलग-अलग उपक्रमों एवं संस्थानों से निकलने वाले कचरे के नियमानुसार विनिष्टीकरण हेतु प्रभावी रूप से कार्ययोजना अनुरूप कार्य करने हेतु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्यों को निर्देशित किया गया।
