पटना। बिहार सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की 10 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 28 नवंबर शुक्रवार को 10 हजार रुपये सीधे भेजे जाएंगे। यह राशि उन महिलाओं के लिए है जो स्वयं सहायता समूह जीविका से जुड़ी हैं और स्वरोजगार के क्षेत्र में कदम बढ़ा रही हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस चरण में लाभ पाने वाली महिलाओं में लगभग 9.5 लाख ग्रामीण और 50 हजार शहरी क्षेत्र की महिलाएं शामिल हैं। योजना का उद्देश्य महिला स्वावलंबन बढ़ाना और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।
पहले ही 1.40 करोड़ महिलाओं को राशि मिल चुकी है
नीतीश कुमार सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 1.40 करोड़ महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। नए चरण में 10 लाख महिलाओं को जोड़कर योजना का दायरा और व्यापक किया जा रहा है। योजना की टीम ने बताया कि यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी और अगले चरण में हाल ही में जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं के खाते में भी राशि भेजी जाएगी।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन
योजना के लिए आवेदन दो तरीकों से लिए गए। शहरी क्षेत्रों में महिलाएं ऑनलाइन आवेदन कर रही हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में ऑफलाइन आवेदन प्राप्त हुए। पहले से जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को ही योजना का प्रत्यक्ष लाभ मिला है। हाल के दिनों में नए समूह से जुड़ी महिलाओं के खातों में भी जल्द राशि भेजी जाएगी।
13 लाख नए आवेदन जांच के अधीन
योजना में 13 लाख महिलाओं ने ऑनलाइन आवेदन किया है जिनकी दस्तावेज़ी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होते ही इन महिलाओं के खातों में भी 10 हजार रुपये भेजे जाएंगे। इससे योजना का दायरा और व्यापक होगा।
एक महीने में सभी को लाभ मिलेगा
जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा ने बताया कि अगले एक महीने के भीतर योजना से जुड़ी सभी महिलाओं को राशि दी जाएगी। संभावना यही है कि दिसंबर तक सभी पात्र महिलाओं के खाते में आर्थिक सहायता पहुंच जाएगी।
इस योजना से न केवल महिलाओं का स्वरोजगार बढ़ेगा बल्कि उनका आत्मविश्वास और परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
