विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा शहर से धार्मिक आस्था को आहत करने वाला चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के हरिपुरा स्थित बालाजी ईको सिटी कॉलोनी के मंदिर में शिवलिंग और जलहरी को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे की बताई जा रही है। पूरी वारदात मंदिर और कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद कॉलोनी के रहवासियों में आक्रोश फैल गया। रहवासियों की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार आरोपी की पहचान अखिलेश यादव के रूप में हुई है, जिसे पौआनाला पंचायत का सचिव बताया गया है।
पाइप लेकर मंदिर में घुसा, शिवलिंग और जलहरी को पहुंचाया नुकसान
बताया गया है कि आरोपी दोपहर करीब 3 बजे मंदिर परिसर में पहुंचा। उसके हाथ में पाइप था। सीसीटीवी फुटेज में उसके द्वारा शिवलिंग पर पाइप से वार करते हुए दिखाई देने की बात सामने आई है। इस दौरान शिवलिंग के साथ जलहरी को भी नुकसान पहुंचा।
घटना के बाद जब कॉलोनी के लोग मंदिर पहुंचे तो शिवलिंग क्षतिग्रस्त अवस्था में मिला। इसके बाद रहवासियों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें आरोपी के मंदिर में पहुंचने और शिवलिंग को क्षतिग्रस्त करने की घटना सामने आई।
पत्नी की पूजा से नाराजगी का दावा
पुलिस पूछताछ में आरोपी द्वारा कथित तौर पर बताया गया कि उसकी पत्नी भगवान शिव की पूजा में काफी समय व्यतीत करती थी। इसी बात को लेकर वह नाराज रहता था। रिपोर्टों के अनुसार आरोपी ने इसी नाराजगी में शिवलिंग को क्षतिग्रस्त करने की बात कही है। कुछ रिपोर्टों में घटना के समय उसके शराब के नशे में होने का भी उल्लेख है। इन दावों की पुष्टि पुलिस जांच के आधार पर ही मानी जानी चाहिए।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कॉलोनीवासियों की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के मुताबिक उसके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
घटना के बाद कॉलोनी में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। रहवासियों ने मंदिर की सुरक्षा और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।
