
करैरा (शिवपुरी)। करैरा स्थित श्री बाबा का बाग बगीचा धाम एवं श्रीराम राजा सरकार परिसर में आयोजित श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रीरामचरितमानस की व्याख्या करते हुए शरणागति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान पर अटूट भरोसा ही जीवन का सबसे बड़ा संबल है। सच्ची श्रद्धा और समर्पण से मनुष्य विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रख सकता है।
महाराज श्री ने व्यासपीठ से शरणागत भाव की विस्तार से व्याख्या करते हुए संत और असंत के स्वभाव का वर्णन किया। उन्होंने भक्तों को समझाया कि सच्ची शरणागति केवल भगवान के समक्ष नतमस्तक होना नहीं, बल्कि अपने मन, कर्म और जीवन को प्रभु के प्रति समर्पित करना है। जिस व्यक्ति का परमात्मा पर अटूट विश्वास होता है, वह हर परिस्थिति में ईश्वर की कृपा का अनुभव करता है।
शरणागति के बताए प्रमुख लक्षण
पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शरणागति के प्रमुख लक्षणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सच्चा भक्त सुख-दुख, अनुकूलता और प्रतिकूलता, हर परिस्थिति में भगवान के प्रति कृतज्ञता का भाव रखता है। उसका विश्वास कठिन समय में भी डगमगाता नहीं है। साथ ही, वह अपने कर्मों की सफलता का श्रेय भगवान को देकर अहंकार का त्याग करता है। उन्होंने भक्तों को प्रभु के प्रति विश्वास, समर्पण और विनम्रता का भाव जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
जयकारों से गूंजा कथा पंडाल
कथा के दौरान उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर और जय श्रीराम के जयकारे लगाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मुख्य यजमान राजेश दुबे ‘भोला महाराज’ अपने परिजनों सहित कथा में उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने महाराज श्री के प्रवचनों का श्रवण कर धर्म और भक्ति से जुड़े संदेशों को आत्मसात किया।
महाराज श्री ने श्रद्धालुओं से सनातन धर्म के संस्कारों को अपने जीवन में अपनाने और प्रतिदिन प्रभु के नाम का सुमिरन करने का आह्वान किया। कथा के दौरान पूरा परिसर भक्ति और श्रद्धा के रंग में सराबोर नजर आया।कथा के अंत में श्रीगुरु जी ने सभी भक्तों को सद्गुरु प्राप्त होने का आशीर्वाद दिया ।
