शिवपुरी, 28 अगस्त। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को सर्किल जेल शिवपुरी सहित इसके अधीनस्थ जिला एवं सब जेलों में भावुक वातावरण देखने को मिला। मध्य प्रदेश शासन, जेल विभाग के निर्देशानुसार जेलों में निरुद्ध बंदियों की उनकी बहनों एवं माताओं से प्रत्यक्ष (खुली) मुलाकात कराई गई। इस दौरान बहनों ने अपने बंदी भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और उनके उज्ज्वल भविष्य तथा शीघ्र रिहाई की कामना की।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुई प्रत्यक्ष मुलाकात
सर्किल जेल शिवपुरी के जेल अधीक्षक विदित सिरवैया ने बताया कि जेल मुख्यालय भोपाल के दिशानिर्देशों के तहत मुलाकात के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूरी सतर्कता बरतते हुए मुलाकात के लिए पहुंचे परिजनों की निरंतर तलाशी ली। सुरक्षा व्यवस्था के बीच बंदियों और उनके परिजनों की प्रत्यक्ष मुलाकात शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।
मुलाकात की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी जेलों में लॉकअप का मिलान किया गया तथा लॉकअप बंद किए गए। पूरे सर्किल में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य एवं शांतिपूर्ण रही।
9 जेलों में 992 बंदियों से मिले 3,000 से अधिक परिजन
सर्किल की कुल 9 जेलों—एक सर्किल जेल, तीन जिला जेल एवं पांच सब जेलों में कुल 992 बंदियों से उनकी माताओं एवं बहनों ने मुलाकात की। इनमें सर्किल जेल शिवपुरी की 9 महिला बंदी भी शामिल हैं। कुल 3,000 से अधिक परिजनों ने अपने परिजनों से मुलाकात की।
जेलवार विवरण के अनुसार सर्किल जेल शिवपुरी में 272 बंदियों (9 महिला बंदियों सहित) से 1,088 परिजनों ने मुलाकात की। जिला जेल गुना में 248 बंदियों से 670, जिला जेल अशोकनगर में 177 बंदियों से 453 तथा जिला जेल श्योपुर में 37 बंदियों से 101 परिजन मिले।
इसी प्रकार सब जेल पोहरी में 21 बंदियों से 34, कोलारस में 13 बंदियों से 27, पिछोर में 86 बंदियों से 197, करैरा में 98 बंदियों से 303 तथा चांचौड़ा सब जेल में 40 बंदियों से 127 परिजनों ने मुलाकात की।
रक्षाबंधन के अवसर पर जेल की चारदीवारी के बीच भाई-बहन के स्नेह का यह भावुक दृश्य देखने को मिला। बहनों ने रक्षा सूत्र बांधकर भाइयों के बेहतर भविष्य की कामना की, वहीं इस मुलाकात ने बंदियों के लिए भी पर्व के अवसर पर भावनात्मक संबल का काम किया।
