शिवपुरी/करैरा- करैरा में आजाद लोधी के नाम से जुड़ा एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ब्राह्मण और जाटव समाज के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। इसी के विरोध में 27 अगस्त को सर्व समाज द्वारा एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी करैरा को सैकड़ों की संख्या में एक ज्ञापन सौंपा गया, आरोप है कि ऑडियो में ब्राह्मण समाज की महिलाओं के प्रति अश्लील एवं अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है। वहीं जाटव समाज के लोगों को लेकर भी कथित रूप से आपत्तिजनक तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किए जाने की बात सामने आई है।
वायरल ऑडियो को लेकर सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने पुलिस-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। बताया गया है कि मामले में आजाद लोधी के खिलाफ कुछ दिन पूर्व ही करैरा व पिछोर में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इससे पहले भी उनके विरुद्ध एक अन्य प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि तथा उसमें आवाज किसकी है, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मामले को लेकर 27 अगस्त को करैरा में ब्राह्मण एवं जाटव समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कथित अभद्र एवं जातिसूचक टिप्पणी के मामले में त्वरित जांच, गिरफ्तारी और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
समाज के लोगों का कहना है कि महिलाओं के प्रति अश्लील टिप्पणी और किसी भी समुदाय के विरुद्ध जातिसूचक अथवा अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर विषय है। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में आरोपित के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की मांग भी की गई है। हालांकि, NSA के तहत कार्रवाई की जाएगी या नहीं, यह सक्षम प्राधिकारी द्वारा मामले के तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर तय किया जाएगा।
सामाजिक संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी जाति या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि कथित आपत्तिजनक भाषा और उसके माध्यम से सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने वाली गतिविधियों के खिलाफ है। लोगों ने प्रशासन से मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें-
वायरल ऑडियो की सत्यता, उसकी मूल रिकॉर्डिंग, आवाज की पहचान और उसमें कही गई बातों की वास्तविकता जांच का विषय है। ऐसे में पुलिस द्वारा की जाने वाली जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
