शिवपुरी– मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा नगर में स्थानीय साहित्यिक जगत के लिए गर्व और भावनाओं से भरा एक विशेष अवसर उस समय साकार हुआ, जब नगर के प्रख्यात साहित्यकार स्व. श्री प्रफुल्ल कुमार चतुर्वेदी “पहाड़ी” की स्मृतियों को संजोने हेतु प्रकाशित पुस्तक “स्मृतियों में हैं पहाड़ी जी” का भव्य विमोचन समारोह जे.डी. टावर, सिटी सेंटर करैरा में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्व. पहाड़ी जी की धर्मपत्नी श्रीमती कुसुम चतुर्वेदी उपस्थित रहीं। अध्यक्षता कृषि विपणन मंडी बोर्ड, संभाग ग्वालियर के संयुक्त संचालक डी.के. शर्मा ने की। वहीं विशिष्ट अतिथियों में एसडीएम अनुराग निंगवाल, उपायुक्त विकास ब्रह्मेन्द्र गुप्ता, केन्द्रीय विद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार सारस्वत, वरिष्ठ साहित्यकार दिनेश वशिष्ठ (शिवपुरी) एवं पुस्तक के संपादक सतीश श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। साहित्यकार डॉ. परवीन महमूद (पिछोर) ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। अतिथियों का स्वागत आलोक, उल्लास, अरुणा, अंशुल एवं शुभम चतुर्वेदी सहित समस्त साहित्यकारों द्वारा आत्मीयता से किया गया।
इसके पश्चात सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जब सभी अतिथियों ने सामूहिक रूप से पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक के संपादक सतीश श्रीवास्तव ने पुस्तक की रचना-यात्रा पर प्रकाश डालते हुए पहाड़ी जी की कविताओं के अंश सुनाए और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उपायुक्त ब्रह्मेन्द्र गुप्ता ने पुस्तक की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए कविता के ऐतिहासिक विकास से लेकर वर्तमान संदर्भों तक विस्तृत विचार रखते हुए पहाड़ी जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया।
एसडीएम अनुराग निंगवाल ने अपने संबोधन में साहित्य के प्रति अपनी रुचि साझा करते हुए कहा कि उन्हें जहाँ भी अवसर मिलता है, वे साहित्यकारों के बीच रहना पसंद करते हैं।
प्राचार्य अशोक कुमार सारस्वत एवं साहित्यकार दिनेश वशिष्ठ ने करैरा के समृद्ध साहित्यिक वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि साहित्य सृजन साधना का कार्य है।
मुख्य अतिथि श्रीमती कुसुम चतुर्वेदी ने भावुक शब्दों में अपने पति की स्मृतियों को साझा करते हुए करैरा के साहित्यकारों के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डी.के. शर्मा ने अपने ओजस्वी वक्तव्य से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया और करैरा की पावन धरती पर ऐसे आयोजन में सम्मिलित होना अपना सौभाग्य बताया।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में डॉ. राज गोस्वामी की अध्यक्षता एवं दिनेश वशिष्ठ के मुख्य आतिथ्य में पहाड़ी जी को समर्पित भव्य कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
अंत में समाजसेवी रवि गोयल द्वारा अतिथियों एवं रचनाकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रमोद गुप्ता “भारती” ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन समाजसेवी सुरेश बंधु द्वारा किया गया।
यह आयोजन न केवल स्व. पहाड़ी जी की स्मृतियों को जीवंत करने का माध्यम बना, बल्कि करैरा की साहित्यिक चेतना और एकजुटता का भी प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत कर गया।
