उमरिया– जिला मुख्यालय स्थित नई सब्जी मंडी के कलकत्ता बाजार में गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे अचानक भीषण आग लगने से बाजार में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने करीब एक दर्जन से अधिक दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। दुकानों में रखा कपड़ा और अन्य सामान धू-धूकर जल गया। आग की भयावहता को देखते हुए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।
आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत शुरू की। करीब कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग बुझा लिए जाने से आसपास मौजूद 100 से अधिक अन्य दुकानें इसकी चपेट में आने से बच गईं, अन्यथा नुकसान कहीं अधिक भयावह हो सकता था।
कोलकाता से माल लाकर एक माह के लिए लगती हैं दुकानें
बताया जाता है कि कलकत्ता बाजार में कोलकाता से व्यापारी बड़ी मात्रा में कपड़े लेकर आते हैं और करीब एक माह के लिए अस्थायी दुकानें लगाते हैं। सस्ते दामों पर कपड़े उपलब्ध होने के कारण यहां बड़ी संख्या में ग्राहक खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में बाजार में बड़ी मात्रा में कपड़ा और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद रहती है।
व्यापारियों के मुताबिक आग में लाखों रुपये कीमत के कपड़े एवं अन्य सामान के जलकर नष्ट होने की आशंका है। हालांकि वास्तविक नुकसान का आंकलन आग पूरी तरह शांत होने और व्यापारियों द्वारा स्टॉक का आकलन किए जाने के बाद ही सामने आ सकेगा।
रात 2:29 बजे मिली सूचना, तत्काल पहुंची फायर ब्रिगेड
फायर ब्रिगेड कर्मचारी गेंद लाल यादव ने बताया कि फायर ब्रिगेड की टीम रात में पुराने बस स्टैंड पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता में मौजूद थी। इसी दौरान करीब 2 बजकर 29 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही टीम तत्काल कलकत्ता बाजार पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। उन्होंने बताया कि आग में लगभग 12 से 15 दुकानें प्रभावित हुई हैं।
आग कैसे लगी, जांच में जुटी पुलिस
कलकत्ता बाजार में आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आग शॉर्ट सर्किट से लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण रहा, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
घटना के बाद व्यापारियों में दहशत का माहौल है। साथ ही बाजार की सुरक्षा व्यवस्था और आग से निपटने के इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जिले में हाल के दिनों में कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इस घटना ने प्रशासन के सामने एक और चुनौती खड़ी कर दी है। अब पुलिस के सामने आग के वास्तविक कारण का पता लगाने के साथ ही यह सुनिश्चित करने की चुनौती है कि ऐसी घटना दोबारा न हो।
