शिवपुरी, 6 अगस्त। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र प्रसाद सोनी की अदालत ने दोस्त की हत्या के मामले में दोषी अर्जुन पुत्र श्यामू आदिवासी (25) निवासी मुड़खेड़ा को आजीवन कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक धीरज जामदार ने की।
अभियोजन के अनुसार, 4 अक्टूबर 2024 को फरियादी राजेंद्र आदिवासी ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसका साला धर्मेंद्र आदिवासी, जो बचपन से उसके साथ रहता था, का शव मुड़खेड़ा स्थित शिमला होटल पर पड़ा मिला है। धर्मेंद्र 3 अक्टूबर की रात भोजन करने के बाद घर से निकला था। रात करीब 10 बजे उसे आखिरी बार श्यामवरण धाकड़ के होटल की ओर से टोल की तरफ जाते हुए देखा गया था। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला और अगले दिन सुबह उसका शव बरामद हुआ। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान सोनू और सोवरन नामक प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि घटना की रात करीब 12 बजे उन्होंने अर्जुन आदिवासी को हाथ में पत्थर लेकर शिमला होटल के अंदर जाते और कुछ देर बाद बाहर निकलते देखा था। इसके आधार पर पुलिस ने अर्जुन को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि धर्मेंद्र उसका मित्र था। घटना वाली रात उसने धर्मेंद्र से सिगरेट पिलाने के लिए कहा था, लेकिन मना करने पर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद वह घर चला गया, लेकिन देर रात वापस शिमला होटल पहुंचा, जहां धर्मेंद्र सो रहा था। उसी विवाद से नाराज होकर उसने धर्मेंद्र के सिर पर पत्थर पटककर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी अर्जुन आदिवासी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
