
शिवपुरी। मां होना अपने आप में एक बड़ी जिम्मेदारी है और शासकीय सेवा में रहकर जनहित के दायित्वों का निर्वहन करना भी किसी चुनौती से कम नहीं। लेकिन जब एक मां इन दोनों जिम्मेदारियों को एक साथ पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ निभाती है, तो उसकी कहानी केवल एक समाचार नहीं, बल्कि प्रेरणा का उदाहरण बन जाती है। शिवपुरी जिले के पटवारी हल्का डोंगर क्रमांक 122 में पदस्थ पटवारी श्रीमती संध्या शर्मा ऐसी ही एक प्रेरणादायक तस्वीर प्रस्तुत कर रही हैं, जहां एक ओर गोद में महज दो साल का मासूम बच्चा है, तो दूसरी ओर शासन के महत्वपूर्ण कार्य को समय पर पूरा करने का संकल्प।
श्रीमती संध्या शर्मा के लिए दिन केवल सरकारी कामकाज तक सीमित नहीं है। उनके सामने एक ओर अपने नन्हे बच्चे की देखभाल, उसकी जरूरतों का ध्यान रखने और उसे मां का स्नेह देने की जिम्मेदारी है, तो दूसरी ओर शासकीय दायित्वों के प्रति जवाबदेही भी है। इन दोनों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं, लेकिन वे इस चुनौती का सामना पूरे धैर्य और जिम्मेदारी के साथ कर रही हैं।

स्वामित्व योजना के तहत भूमि अभिलेख तैयार करने, आवश्यक जानकारी जुटाने और पंजीयन संबंधी प्रक्रियाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए उन्हें क्षेत्र में पहुंचकर काम करना होता है। ऐसे में वे अपने दो साल के बच्चे को भी साथ लेकर ड्यूटी पर पहुंचती हैं और शासकीय कार्यों का ईमानदारी से निर्वहन करती हैं। कार्यस्थल पर उनकी एक भूमिका शासन की योजनाओं को जमीन पर उतारने वाले कर्मचारी की होती है, तो दूसरी भूमिका अपने बच्चे के लिए स्नेह, सुरक्षा और ममता का संसार रचने वाली मां की।
उनके पति भी शासकीय सेवा में कार्यरत हैं। ऐसे में पारिवारिक और व्यावसायिक जिम्मेदारियों के बीच सामंजस्य बैठाना उनके लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसके बावजूद श्रीमती संध्या शर्मा अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटतीं। वे परिस्थितियों को अपनी जिम्मेदारियों के आड़े आने देने के बजाय, उपलब्ध समय और संसाधनों के बीच रास्ता निकालते हुए काम कर रही हैं।
उनकी यह तस्वीर बताती है कि एक कामकाजी मां के लिए हर दिन केवल नौकरी का दिन नहीं, बल्कि कई जिम्मेदारियों को एक साथ निभाने की परीक्षा भी होता है। जब दूसरे लोग अपने कार्यस्थल पर केवल अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं, तब एक मां को अपने काम के साथ-साथ बच्चे की जरूरतों का भी ध्यान रखना पड़ता है। बच्चे की मासूमियत और सरकारी फाइलों के बीच तालमेल बैठाते हुए वे जिस तरह अपने दायित्व निभा रही हैं, वह उनके धैर्य, कर्तव्यनिष्ठा और मातृत्व के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
शासन की महत्वपूर्ण योजना में निभा रहीं जिम्मेदारी
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देशन में शिवपुरी जिले में शासन की स्वामित्व योजना के अंतर्गत पंजीयन अभियान संचालित किया जा रहा है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्व विभाग के मैदानी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका है। भूमि अभिलेखों का संधारण, आवश्यक जानकारियों का संकलन और पंजीयन संबंधी प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करना इसी जिम्मेदारी का हिस्सा है। श्रीमती संध्या शर्मा भी अपने कार्यक्षेत्र में इन दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं।
ममता भी, जिम्मेदारी भी—एक मां का सच्चा समर्पण
श्रीमती संध्या शर्मा का प्रयास उन तमाम कामकाजी महिलाओं की संघर्षपूर्ण दिनचर्या को सामने लाता है, जो परिवार और कार्यक्षेत्र के बीच संतुलन बनाते हुए अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाती हैं। उनके लिए बच्चा कोई बाधा नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और शासकीय सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि कर्तव्य का निर्वहन है।
गोद में बच्चा, मन में ममता और कार्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता—संध्या शर्मा की यह तस्वीर बताती है कि एक मां की ताकत केवल उसके शब्दों में नहीं, बल्कि उसके रोजमर्रा के संघर्ष और कर्म में दिखाई देती है।
