उमरिया। जिले के मानपुर विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला सुल्तानपुर में पदस्थ सहायक शिक्षक कोमलचंद गुप्ता को छात्राओं से छेड़छाड़ एवं अश्लील कृत्य के आरोपों के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबन आदेश जारी करते हुए शिक्षक का मुख्यालय बीईओ कार्यालय मानपुर निर्धारित किया है।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। जांच में शिक्षक के विरुद्ध लगाए गए आरोप सही पाए जाने के बाद उसके विरुद्ध थाना इंदवार में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
एसडीओपी उमरिया पुन्नू सिंह परस्ते के अनुसार, सुल्तानपुर विद्यालय में पदस्थ आरोपी शिक्षक के संबंध में नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ एवं अश्लील कृत्य किए जाने की सूचना थाना प्रभारी इंदवार को प्राप्त हुई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की विभिन्न धाराओं, एससी-एसटी एक्ट तथा पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक मामले में धारा 295, 351(3), 64(2)(b), 64(2)(m), 65(2) बीएनएस एवं धारा 3(2)(v) एससी-एसटी एक्ट के साथ लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
एसडीओपी ने बताया कि पुलिस आरोपी शिक्षक की तलाश कर रही है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच के दौरान आरोपी के पूर्व में इस तरह के कृत्यों में शामिल होने की जानकारी सामने आती है तो उसकी भी जांच की जाएगी। मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
पुराने मामलों की भी जांच की मांग
स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी सामने आए हैं कि शिक्षक द्वारा पूर्व में भी कुछ छात्राओं के साथ इसी तरह का व्यवहार किया गया था और कथित रूप से दबाव अथवा बदनामी के डर से अभिभावकों ने शिकायत नहीं की। हालांकि, इन पुराने आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच का परिणाम अभी सामने आना बाकी है।
मामले में वर्तमान शिकायत के बाद प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई किए जाने से यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि पूर्व में ऐसी शिकायतें या सूचनाएं थीं, तो उन पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
शिक्षक के पद पर गंभीर सवाल
शिक्षक को समाज में बच्चों के मार्गदर्शक और संरक्षक के रूप में देखा जाता है। ऐसे में यदि किसी शिक्षक पर नाबालिग छात्राओं के साथ यौन दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह केवल विभागीय अनुशासन का मामला नहीं बल्कि बच्चों की सुरक्षा और विद्यालयी व्यवस्था में विश्वास से जुड़ा गंभीर विषय है।
फिलहाल आरोपी शिक्षक निलंबित है और उसके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। अंतिम दोष सिद्धि न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगी। पुलिस की जांच और न्यायिक कार्रवाई से ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट होगी।
