भोपाल। मध्य प्रदेश में अब पुरानी नंबर प्लेट लगाकर सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अब ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ स्मार्ट सिटी के CCTV और ANPR कैमरों की मदद से भी ऐसे वाहनों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय से जारी निर्देशों के बाद भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर और सतना में कार्रवाई की तैयारियां शुरू हो गई हैं। ग्वालियर स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में बिना HSRP वाले वाहनों के लिए अलग सॉफ्टवेयर तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
अब बनेगी नई चालान कैटेगरी
अब तक ई-चालान केवल हेलमेट न पहनने, ओवरस्पीड, रेड लाइट जंप, तीन सवारी जैसे नियमों के उल्लंघन पर बनते थे। अब “बिना HSRP नंबर प्लेट” को भी अलग श्रेणी में शामिल किया जाएगा, जिससे कैमरों के जरिए स्वतः चालान जारी किए जा सकेंगे।
PHQ ने दिए सख्त निर्देश
पुलिस मुख्यालय भोपाल में पदस्थ सहायक पुलिस महानिरीक्षक (PTIR) राजेश मिश्रा ने भोपाल और इंदौर के पुलिस आयुक्तों तथा ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर और सतना के पुलिस अधीक्षकों को बिना HSRP वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
HSRP क्यों है जरूरी?
वाहन चोरी पर लगेगी रोक: HSRP में यूनिक लेजर कोड, होलोग्राम और टैंपर-प्रूफ लॉक होता है, जिससे नकली नंबर प्लेट बनाना मुश्किल हो जाता है।
अपराधियों की पहचान होगी आसान: ANPR कैमरे और टोल प्लाजा HSRP नंबर आसानी से पढ़ सकते हैं, जिससे चोरी के वाहन और अपराधियों का पता लगाने में मदद मिलती है।
रात में भी नंबर स्पष्ट: रिफ्लेक्टिव शीट होने से कम रोशनी में भी नंबर प्लेट साफ दिखाई देती है।
फर्जी नंबर प्लेट पर अंकुश: प्रत्येक HSRP का यूनिक लेजर नंबर वाहन के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड से जुड़ा होता है, जिससे फर्जीवाड़े की संभावना कम हो जाती है।
वाहन मालिकों के लिए सलाह
यदि आपके वाहन पर अभी तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं लगी है, तो जल्द से जल्द इसे लगवा लें। आने वाले दिनों में कैमरों और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान बिना HSRP वाले वाहनों पर चालान की कार्रवाई तेज होने की संभावना है।
