करैरा(शिवपुरी)। जैन समाज के लिए यह अत्यंत गौरव, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का ऐतिहासिक क्षण है। करैरा निवासी एवं कस्बा थाना के प्रतिष्ठित जैन परिवार से जुड़े श्री मोहनलाल जैन (कोमल प्रसाद–मुकेश कुमार जैन “दिहायला वालों” के पूज्य जीजाजी) आगामी 6 जुलाई 2026 को आगरा में सांसारिक मोह-माया का त्याग कर जैन मुनि दीक्षा ग्रहण करेंगे। इस पावन अवसर पर भव्य जनेश्वरी दीक्षा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी तैयारियां पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ चल रही हैं।
दीक्षा महोत्सव के पूर्व करैरा नगर में धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। न्यू कॉलोनी स्थित जैन मंदिर परिसर में सायंकाल बिनौली एवं भक्तामर पाठ का आयोजन हुआ, जिसके बाद रात्रि में गोद भराई संस्कार संपन्न हुआ। इन आयोजनों में समाज के महिला-पुरुषों और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर दीक्षार्थी के प्रति अपनी मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
इस अवसर पर नगर में एक भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई, जो श्री कोमल प्रसाद जैन के निवास से प्रारंभ होकर प्रमुख मार्गों से होती हुई आयोजन स्थल तक पहुंची। बैंड-बाजों की मधुर स्वर लहरियां, धार्मिक झांकियां और “जिनशासन की जय” के जयघोषों से पूरा नगर धर्ममय हो उठा। श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था देखते ही बनती थी।
समाज के वरिष्ठजनों ने सभी धर्मप्रेमियों से दीक्षा महोत्सव में अधिकाधिक संख्या में शामिल होकर इस दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर का पुण्य लाभ लेने की अपील की है। उनका कहना है कि मुनि दीक्षा केवल एक व्यक्ति का संन्यास नहीं, बल्कि त्याग, संयम, आत्मानुशासन और मोक्षमार्ग की ओर बढ़ने की सर्वोच्च साधना का प्रतीक है।
जैन धर्म में दीक्षा को आत्मा की शुद्धि और परम कल्याण का सर्वोच्च मार्ग माना गया है। श्री मोहनलाल जैन का यह वैराग्यमय निर्णय न केवल जैन समाज बल्कि संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणादायक है। उनका त्याग यह संदेश देता है कि भौतिक सुखों से ऊपर उठकर आत्मिक शांति और सत्य की खोज ही जीवन का वास्तविक उद्देश्य है। यह दीक्षा नई पीढ़ी को संस्कार, संयम और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी।
