विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “विपक्ष की मांग पर सदन की रिकॉर्डिंग को एफएसएल को भेजा गया था। जांच रिपोर्ट से साफ है कि वीडियो और ऑडियो में किसी प्रकार का कोई संशोधन या छेड़खानी नहीं हुई है। हमने 6 जनवरी को हुई विधानसभा बहस का ट्रांसक्रिप्ट भी साझा किया है।” उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में विपक्ष की तरफ से फॉरेंसिक जांच की मांग की गई थी, जिसे सत्तारूढ़ दल ने भी मंजूरी दी थी।
स्पीकर ने कहा, “जब जांच के लिए वीडियो भेजा गया, तभी 9 जनवरी को यह खबर आई कि पंजाब सरकार ने पहले ही जांच कर ली और एफआईआर दर्ज कर दी। यह पूरा घटनाक्रम अब स्पष्ट हो गया है। अब दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है।”
खबर 2: विजेंद्र गुप्ता ने पंजाब फॉरेंसिक रिपोर्ट की भी उठाए सवाल, सीबीआई जांच की सिफारिश का एलान
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने पंजाब सरकार द्वारा वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या “एक कांस्टेबल एआई टूल का उपयोग करके वीडियो की जांच कर सकता है?” और इस जांच का वैध आधार क्या था। स्पीकर ने कहा कि फॉरेंसिक साइंस लेब की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
उन्होंने साफ कहा कि वह पंजाब सरकार की रिपोर्ट की सीबीआई जांच की सिफारिश करेंगे। विजेंद्र गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “वीडियो में ‘गुरु’ शब्द का उपयोग स्पष्ट है। जो घटनाक्रम पंजाब में चल रहा है, उस पर हम सीबीआई जांच करवा रहे हैं ताकि पूरी सच्चाई सामने आए।”
स्पीकर ने आरोप लगाया कि आतिशी की ओर से की गई टिप्पणी पर जवाब देने से बचने के लिए विपक्ष राजनीतिक हथकंडे अपना रहा है। उन्होंने कहा, “आतिशी के पास जवाब देने का कोई रास्ता नहीं बचा, इसलिए राज्य की एजेंसी का उपयोग किया गया। अब सच्चाई सामने आ गई है।”
