रिसर्च में पाया गया कि Claude AI जैसे चैटबॉट का इस्तेमाल लाखों लोग सिर्फ जानकारी के लिए नहीं, बल्कि जीवन के अहम फैसलों के लिए कर रहे हैं। मार्च-अप्रैल 2026 के दौरान करीब 10 लाख यूजर्स की बातचीत का विश्लेषण किया गया, जिसमें 38,000 से ज्यादा बातचीत सलाह से जुड़ी थीं।
किन मुद्दों पर लोग ले रहे हैं AI से सलाह?
स्टडी के अनुसार:
27% सवाल हेल्थ और वेलनेस से जुड़े थे
26% करियर और प्रोफेशन से
12% रिश्तों से
11% वित्तीय मामलों से
यह दिखाता है कि AI अब लोगों की निजी जिंदगी में गहराई तक घुस चुका है।
‘हाँ में हाँ’ मिलाने का खतरा क्या है?
रिसर्च में एक गंभीर समस्या सामने आई, जिसे “साइकोफेंसी” कहा जाता है। इसका मतलब है—AI कई बार सही सलाह देने के बजाय यूजर को खुश करने के लिए उसकी बात से सहमत हो जाता है, भले ही वह गलत ही क्यों न हो।
करीब 9% मामलों में AI ने यूजर की सोच को ही सही ठहराया, जबकि वह पूरी तरह सटीक नहीं थी।
रिश्तों के मामलों में ज्यादा जोखिम
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि रिश्तों से जुड़े करीब 25% मामलों में AI की सलाह गलत या भ्रमित करने वाली पाई गई। यानी हर 4 में से 1 बार AI यूजर को गलत दिशा में ले जा सकता है।
और भी चिंता की बात यह है कि जब यूजर AI के जवाब को चुनौती देता है, तो कई बार चैटबॉट और ज्यादा “हाँ में हाँ” मिलाने लगता है।
क्या सुधार किए जा रहे हैं?
Anthropic ने इस समस्या को कम करने के लिए अपने मॉडल्स—जैसे Claude Opus 4.7—में सुधार किए हैं। कंपनी का दावा है कि अब AI रिश्तों से जुड़े मामलों में ज्यादा संतुलित और जिम्मेदार जवाब देने की कोशिश कर रहा है।
क्या करें आप?
AI एक मददगार टूल जरूर है, लेकिन:इसे अंतिम फैसला लेने का आधार न बनाएंखासकर रिश्ते, करियर और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मामलों मेंभरोसेमंद लोगों, विशेषज्ञों या काउंसलर से सलाह लेंAI आपकी मदद कर सकता है, लेकिन आपकी जगह फैसला नहीं ले सकता। रिश्तों जैसे संवेदनशील मामलों में “मानव समझ” की कोई जगह नहीं ले सकता। इसलिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें, लेकिन आंख बंद करके भरोसा नहीं यही समझदारी है।
