‘भास्कर समाधान’ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब नागरिक अपनी समस्या सीधे मोबाइल एप पर पोस्ट कर सकेंगे। चाहे सड़क, पानी, बिजली, सफाई, स्ट्रीट लाइट, नाली, यातायात या सरकारी कार्यालयों से जुड़ी कोई समस्या हो, लोग फोटो और पूरी जानकारी के साथ उसे प्लेटफॉर्म पर साझा कर सकते हैं। शिकायत पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उसी प्लेटफॉर्म पर उसका जवाब दे सकेंगे तथा समाधान की स्थिति भी अपडेट कर सकेंगे। इससे आमजन को यह जानकारी मिलती रहेगी कि उनकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई और समाधान किस स्तर तक पहुंचा।
इस पहल की शुरुआत फिलहाल भोपाल और इंदौर शहरों में की गई है। पहले चरण में दोनों नगर निगम क्षेत्रों के नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद इसे प्रदेश के अन्य शहरों तक विस्तारित करने की योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि ‘भास्कर समाधान’ सरकार और समाज के बीच आवश्यकताओं तथा अपेक्षाओं को जोड़ने वाला एक प्रभावी सेतु साबित होगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए और ऐसे डिजिटल नवाचार सुशासन, पारदर्शिता तथा जवाबदेही को मजबूत बनाते हैं।
दैनिक भास्कर डिजिटल के मध्यप्रदेश स्टेट एडिटर कपिल भटनागर ने बताया कि यह देश का पहला ऐसा मीडिया आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है जहां नागरिक स्वयं अपनी समस्या पोस्ट कर सकते हैं और संबंधित अधिकारी उसी मंच पर उसका समाधान साझा कर सकते हैं। इससे न केवल शिकायतों का निवारण आसान होगा बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही भी बढ़ेगी।
इस प्लेटफॉर्म की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि अधिकारियों को विशेष अथॉरिटी व्यू उपलब्ध कराया गया है। इसके माध्यम से वे अपने विभाग से जुड़ी सभी शिकायतें एक ही स्थान पर देख सकेंगे। साथ ही वे यह भी अपडेट कर सकेंगे कि समस्या का समाधान हो चुका है या उस पर काम चल रहा है। शिकायतकर्ता भी समाधान होने पर इसकी पुष्टि कर सकेंगे।
एप में कॉलिंग और लोकेशन जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी सीधे शिकायतकर्ता से संपर्क कर सकेंगे और समस्या की सटीक लोकेशन तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा नागरिक अपने क्षेत्र की अन्य समस्याओं को भी देख सकेंगे और स्थानीय स्तर पर चल रही कार्रवाई की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
‘भास्कर समाधान’ का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि जो अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि समस्याओं का तेजी से समाधान करेंगे, उन्हें ‘स्टार ऑफिसर’ और ‘पब्लिक स्टार’ के रूप में सम्मानित पहचान दी जाएगी। उनके कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा ताकि सकारात्मक कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिल सके।
यह पहल केवल शिकायत दर्ज करने का मंच नहीं बल्कि जनता और प्रशासन के बीच भरोसे, संवाद और समाधान की नई व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि यह मॉडल सफल होता है तो प्रदेश में जनसरोकार से जुड़े मुद्दों के समाधान की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो सकती है।
