शिवपुरी, 1 जून। जिले में अवैध खनन और खदान संचालन में अनियमितताओं के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए ग्राम डोंगरी स्थित एक फर्शी पत्थर खदान का पट्टा निरस्त कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा वन, राजस्व, पुलिस एवं परिवहन विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए खदानों का निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान ग्राम डोंगरी के सर्वे क्रमांक 236, रकबा 1.10 हेक्टेयर क्षेत्र में संचालित फर्शी पत्थर खदान में स्वीकृत पट्टा क्षेत्र के बाहर खनन कार्य किया जाना पाया गया। खदान के पट्टाधारी नरेश सिंह गुर्जर निवासी लक्ष्मीगंज, ग्वालियर के विरुद्ध पूर्व में अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज कर अर्थदंड प्रस्तावित किया गया था, जो कलेक्टर न्यायालय में विचाराधीन है।
प्रशासन द्वारा सुनवाई एवं पुनः जांच का अवसर दिए जाने के बाद भी पट्टा शर्तों के उल्लंघन और अवैध उत्खनन के तथ्य पाए जाने पर कलेक्टर ने खदान की खनन गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए पट्टा निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए।
इसी क्रम में ग्राम डोंगरी स्थित सर्वे क्रमांक 212, रकबा 2.00 हेक्टेयर क्षेत्र की फर्शी पत्थर खदान के निरीक्षण में भी अनियमितताएं सामने आईं। यह खदान बिहारी लाल गुप्ता निवासी ग्राम भौंती के नाम स्वीकृत है। कारण बताओ नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनियमितताओं का पूर्ण निराकरण नहीं होने पर मप्र गौण खनिज नियम, 1996 के तहत 2.97 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित कर वसूल किया गया।
वहीं ग्राम डोंगरी के सर्वे क्रमांक 217 एवं 219 में संचालित बाबा कट स्टोन की फर्शी पत्थर खदान में भी पट्टा शर्तों के उल्लंघन पाए गए। सुनवाई के उपरांत संबंधित पट्टाधारी पर भी 2.97 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जिसकी राशि जमा करा दी गई है।
खनिज विभाग के अनुसार जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभाग द्वारा स्वीकृत खदान क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है तथा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई कर शासन के राजस्व हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
