जानकारी के अनुसार सोमवार को ग्रामीणों ने आमडी की खाल में एक व्यक्ति का शव पानी में तैरता हुआ देखा था। शव के आसपास खून के निशान भी दिखाई दे रहे थे। सूचना मिलते ही तराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पहचान के प्रयासों के बाद मृतक की शिनाख्त देवास जिले के ग्राम नायता पोलाय निवासी मदनलाल सोलंकी के रूप में हुई।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के पारिवारिक और सामाजिक संबंधों की गहन पड़ताल की। पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को मृतक की पत्नी सौरम बाई और बेटे संजू सोलंकी पर संदेह हुआ। जब दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई तो हत्या की पूरी कहानी सामने आ गई।
पुलिस के मुताबिक मदनलाल सोलंकी शराब पीने का आदी था और नशे की हालत में अक्सर परिवार के सदस्यों के साथ विवाद और मारपीट करता था। आए दिन होने वाले झगड़ों और प्रताड़ना से परिवार परेशान था। इसी तनाव के चलते पत्नी और बेटे ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि दोनों ने पत्थर से उसके सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद शव को आमडी की खाल में फेंक दिया गया ताकि हत्या को दुर्घटना या अन्य घटना का रूप दिया जा सके।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आरोपियों के बयान के आधार पर मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या की योजना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
मंगलवार को मृतक के परिजन तराना थाने पहुंचे और उन्होंने पुलिस के समक्ष आशंका जताई कि इस हत्याकांड में दो से तीन अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और संभावित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पत्नी और बेटे से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को खंगाल रही है।
