छतरपुर। अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर छतरपुर के होनहार युवा क्षितिज कौशल ने एक बार फिर जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। वर्तमान में सागर में पुलिस अधीक्षक (विशेष शाखा) के पद पर पदस्थ दिनेश कौशल के पुत्र क्षितिज कौशल ने देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में अपनी स्नातक डिग्री प्राप्त की। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों डिग्री प्राप्त करना क्षितिज और उनके परिवार के लिए गौरव एवं भावुकता से भरा अविस्मरणीय क्षण रहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के लिए निरंतर सीखते रहने और स्वयं से प्रतिस्पर्धा करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अपनी सफलता, वेतन या प्लेसमेंट की तुलना दूसरों से करने के बजाय व्यक्ति को स्वयं को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने जीवन की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आईआईटी की परीक्षा का एक निश्चित सिलेबस होता है, लेकिन जिंदगी की परीक्षा का कोई सिलेबस नहीं होता। जीवन में आने वाली परिस्थितियां कई बार पूरी तरह अप्रत्याशित होती हैं और उनका सामना अपनी क्षमता, अनुभव तथा सीखने की प्रवृत्ति के आधार पर करना पड़ता है।
12वीं में ही हासिल किया IIT दिल्ली में प्रवेश
क्षितिज कौशल की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने कक्षा 12वीं में अध्ययन के दौरान ही प्रथम प्रयास में आईआईटी दिल्ली में प्रवेश हासिल कर लिया था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा ग्वालियर और भोपाल के प्रतिष्ठित विद्यालयों में हुई।
शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ क्षितिज ने आईआईएम इंदौर की IPMAT परीक्षा और NDA की लिखित परीक्षा भी उत्तीर्ण की। इसके अलावा उन्होंने NCERT की राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (NTSE) में मेरिट स्थान प्राप्त कर छात्रवृत्ति भी हासिल की।
पढ़ाई के साथ खेलों में भी दिखाया दम
क्षितिज केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने खेल के मैदान में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बास्केटबॉल, क्रिकेट और शतरंज जैसी विभिन्न खेल स्पर्धाओं में उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल किए हैं। इस प्रकार शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और खेल—तीनों क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणादायी हैं।
पिता के अनुशासन और मां के संस्कारों ने दिखाई राह
क्षितिज की सफलता में उनके माता-पिता के मार्गदर्शन और पारिवारिक संस्कारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके पिता दिनेश कौशल, जो वर्तमान में सागर में एसपी (विशेष शाखा) के पद पर सेवाएं दे रहे हैं, ने उन्हें अनुशासन और निरंतर मेहनत का महत्व सिखाया, वहीं माता अनुराधा कौशल ने पारिवारिक स्तर पर उनका निरंतर उत्साहवर्धन किया।
क्षितिज की बहन डॉ. श्रुति कौशल भी चिकित्सा क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने लखनऊ से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है और वर्तमान में इंटर्नशिप कर रही हैं।
उपलब्धि पर छतरपुर में खुशी का माहौल
आईआईटी दिल्ली जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान से डिग्री हासिल करने और प्रधानमंत्री के हाथों इसे प्राप्त करने की उपलब्धि पर कौशल परिवार, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और छतरपुरवासियों में खुशी का माहौल है। क्षितिज कौशल की उपलब्धि यह संदेश देती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और बहुआयामी प्रतिभा के दम पर छोटे शहरों से निकलने वाले युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
