छतरपुर। शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास क्रमांक-02, देरी रोड छतरपुर में छात्रों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर मृणाल मीना ने छात्रावास अधीक्षक एवं प्राथमिक शिक्षक आशीष कुमार शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले में पुलिस और बाल कल्याण समिति (CWC) द्वारा जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, छात्रावास में निवासरत छात्रों ने 10 अगस्त 2026 को अधीक्षक आशीष कुमार शुक्ला के विरुद्ध लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन में छात्रों ने अधीक्षक पर अनुचित आचरण, अनुचित वार्तालाप, अनुचित स्पर्श तथा शारीरिक एवं मानसिक शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच पुलिस एवं बाल कल्याण समिति द्वारा शुरू की गई।
प्रशासन ने जांच की निष्पक्षता बनाए रखने और जांच प्रक्रिया में किसी भी तरह के संभावित हस्तक्षेप को रोकने के लिए अधीक्षक को छात्रावास से हटाना जरूरी माना। उपलब्ध तथ्यों और छात्रों द्वारा प्रस्तुत आवेदन के आधार पर उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी प्रतीत होने तथा पदीय दायित्वों के निर्वहन में स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता का कृत्य पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर मृणाल मीना ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए आशीष कुमार शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। आदेश में उनका आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 के उपनियम (I), (II) एवं (III) तथा छात्रावास नियम, 2014 के प्रावधानों के विपरीत पाया गया है।
निलंबन अवधि में शुक्ला को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इस अवधि के लिए उनका मुख्यालय कार्यालय संभागीय उपायुक्त, जनजातीय एवं अनुसूचित जाति विकास, सागर संभाग, सागर निर्धारित किया गया है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा और उनके साथ किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
