परिजनों के मुताबिक बच्चियां कन्या पूजन के लिए शहनाई रेसीडेंसी गई थीं। वहां अलग-अलग फ्लैट में कन्या भोज और पूजन का कार्यक्रम चल रहा था। बच्चियों को खाना और उपहार मिलने की उम्मीद थी लेकिन कुछ समय बाद जब वे घर नहीं लौटीं तो परिवार के लोग परेशान हो गए। उनकी तलाश करते हुए परिजन सोसाइटी पहुंचे। उनका आरोप है कि बच्चियां एक फ्लैट से रोते हुए नीचे आईं और उन्होंने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। परिवार का दावा है कि बच्चियों को करीब चार घंटे तक फ्लैट में रोके रखा गया और उनके साथ मारपीट की गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चियों से वीडियो बनवाकर उनसे रुपए लेने की बात कहलवाई गई। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
दूसरी ओर रिटायर्ड शिक्षिका अनिता मोहता ने परिजनों के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि बच्चियां खुद उनके फ्लैट पर आई थीं और उन्होंने खाना मांगा था। इसके बाद उन्होंने बच्चियों को अंदर बैठाया और उनके लिए दाल चावल बनाने लगीं। शिक्षिका के मुताबिक बच्चियों ने बताया था कि वे सोसाइटी के दूसरे फ्लैट से आ रही हैं। बाद में उन्हें मंदिर में रखे रुपए और लिफाफे गायब होने की जानकारी मिली। अनिता का दावा है कि जब बच्चियां दोबारा उनके पास आईं तो उन्होंने रुपए के बारे में पूछा। इस दौरान बच्चियों ने एक बच्ची की ओर इशारा किया और पूछताछ में रुपए लेने की बात सामने आई। शिक्षिका ने कहा कि उन्होंने बच्चियों को नहीं पीटा और न ही उन्हें बंधक बनाया। उनके अनुसार वे खुद बच्चियों को नीचे छोड़ने गई थीं।
सोसाइटी के कुछ रहवासियों और सुरक्षा कर्मियों के मुताबिक बच्चियां दोपहर करीब 12 बजे परिसर में पहुंची थीं। वे अलग-अलग फ्लैट में कन्या पूजन के लिए गई थीं जहां उन्हें रुपए और उपहार दिए गए। रहवासियों ने बताया कि बच्चियां हर साल कन्या पूजन के लिए सोसाइटी आती हैं। हालांकि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामले में मेडिकल जांच की जानकारी भी सामने आई है। परिजनों ने बच्चियों के हाथ-पैरों और गालों पर चोट के आरोप लगाए थे लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट में मारपीट से लगी किसी चोट की पुष्टि नहीं हुई। वहीं सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। परिजनों का कहना है कि परिसर में कैमरे लगे हैं जबकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक संबंधित फ्लैट और उसी मंजिल पर कैमरे नहीं थे।
पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर बच्चियों के बयान लिए हैं। अब जांच में शिकायतों और शिक्षिका के पक्ष के साथ उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। इसलिए मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
