शिकायतकर्ता सुनील लोधी उम्र 18 वर्ष के मुताबिक घटना 21 अक्टूबर की दोपहर करीब दो बजे की है। वह अपने ताऊ के बेटे अमित लोधी को इलाज के लिए शिवपुरी ले जा रहा था। इसी दौरान गांव में नीलेश लोधी के घर के सामने कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। सुनील का आरोप है कि आनंद लोधी जनकराम लोधी राजकुमार लोधी और करन लोधी ने पुरानी रंजिश को लेकर गाली गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई।
सुनील की शिकायत के अनुसार इस दौरान राजकुमार और करन ने उसके पिता रमेश लोधी के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। वहीं आनंद और जनकराम ने उसके ताऊ हरभजन लोधी को निशाना बनाया। मारपीट में दोनों को सिर सहित शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोटें आईं। घटना के बाद परिवार के लोग घायलों को लेकर आगे की कार्रवाई करने और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी करने लगे।
आरोप है कि परिवार के सदस्य जब पहली घटना की शिकायत करने थाने जा रहे थे तभी रास्ते में एक बार फिर विवाद हो गया। सुनील के मुताबिक प्रागीलाल लोधी रजभान लोधी और यशपाल लोधी ने उसकी मां सुमन ताई कुसमा बहन सोनम और भाई अभिषेक के साथ मारपीट की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चारों को जमीन पर पटककर लात-घूंसों से पीटा गया। अचानक हुए इस हमले से परिवार के सदस्य घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।
सुनील ने पुलिस को बताया कि बीच-बचाव के दौरान आरोपियों ने थाने में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। परिवार का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते उन्हें निशाना बनाया गया और शिकायत करने जाने के दौरान दोबारा हमला किया गया। हालांकि घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। अब मामले में आरोपों की जांच की जा रही है और घटना के दौरान मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई जा सकती है। पुलिस की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों घटनाओं में किसकी क्या भूमिका रही और विवाद की वास्तविक वजह क्या थी।
बसंतपुर गांव की इस घटना में एक ही परिवार के सदस्यों के साथ दो बार मारपीट किए जाने के आरोप ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। फिलहाल घायलों का उपचार कराया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
