मामला 7 अक्टूबर का है जब दुल्लपुर इलाके में रहने वाले रघुवीर गुर्जर और रामवीर गुर्जर के परिवारों के बीच कहासुनी हो गई थी। दोनों परिवार एक दूसरे के आमने सामने रहते हैं। जानकारी के मुताबिक घर के पास खड़ी कार के नजदीक आग जलाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। शुरुआत में मामूली दिखाई देने वाली यह कहासुनी कुछ ही देर में बढ़ गई और दोनों पक्षों के लोग आमने सामने आ गए। इसके बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई और पथराव शुरू हो गया।
बताया गया है कि विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के लोग अपने घरों की छतों पर पहुंच गए और एक दूसरे पर पत्थर फेंकने लगे। इस दौरान फायरिंग किए जाने की बात भी सामने आई थी। अचानक हुए इस घटनाक्रम से आसपास रहने वाले लोग घबरा गए। घरों के बाहर खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचा और इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान करने में जुट गई।
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई कि दोनों परिवारों के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था। करीब चार महीने पहले भी दोनों पक्षों के बीच हिंसक संघर्ष हुआ था। उस मामले में एक पक्ष की शिकायत पर 11 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज किया गया था। बाद में उदय गुर्जर का नाम भी इस मामले में जोड़ा गया था। बताया जा रहा है कि पुराने मामले में राजीनामा करने के लिए दबाव बनाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच रंजिश बढ़ गई थी। इसी पुरानी दुश्मनी के बीच 7 अक्टूबर को एक बार फिर विवाद भड़क गया।
पुलिस ने अब उदय गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ के जरिए घटना की पूरी परिस्थितियों और अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। थाटीपुर थाना पुलिस इस मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के दौरान फायरिंग किसने की और हिंसा में किन लोगों की भूमिका रही।
दुल्लपुर की यह घटना बताती है कि पुरानी रंजिश और मामूली विवाद किस तरह गंभीर हिंसा का रूप ले सकते हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पूछताछ तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। इलाके के लोगों को अब उम्मीद है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई के बाद स्थिति सामान्य होगी और इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सकेगी।
