नगर निगम परिषद का सम्मेलन आईएसबीटी स्थित मीटिंग हॉल में शुरू हुआ। बैठक के प्रारंभ में परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने सरकार द्वारा नियुक्त 12 एल्डरमैन और नए निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार का परिचय कराया। अहिरवार ने तीन दिन पहले ही पदभार संभाला है। बैठक में महापौर मालती राय भी मौजूद रहीं। कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने छुट्टी के दिन परिषद का सम्मेलन बुलाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने निगम एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि छुट्टी के दिन सदन का संचालन नहीं किया जा सकता। इस पर अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने उन्हें समझाइश दी जिसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी।
प्रश्नकाल के दौरान ऑडिट आपत्तियों से जुड़े भुगतानों का मामला उठा। नेता प्रतिपक्ष ने संबंधित वित्तीय मामलों पर सवाल करते हुए जवाब मांगा तो एमआईसी सदस्य जितेंद्र शुक्ला ने कहा कि सभी भुगतान नियमों के अनुसार किए गए हैं और किसी तरह की जानकारी छिपाई नहीं गई है। इसी दौरान वर्ष 2026-27 के प्रावधानिक बजट में प्रस्तावित राशि से तैयार योजना के आय-व्यय पर भी सवाल किया गया। शुक्ला ने प्रश्न में बताई गई 108 करोड़ रुपये की राशि पर आपत्ति जताते हुए कहा कि नगर निगम का प्रावधानिक बजट 3938.45 करोड़ रुपये का है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल हाउसिंग फॉर ऑल योजना का बजट ही लगभग 300 से 400 करोड़ रुपये के बीच है। इसके बाद उन्होंने बजट से संबंधित जानकारी देना शुरू किया।
बैठक के एजेंडे में नगर निगम के नए मुख्यालय के सर्विस ब्लॉक को 10 साल के लिए देने और इसके बाद अगले 10 साल के लिए नवीनीकरण से जुड़ा प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा गर्ल्स कॉलेज के पास स्थित सोन चिरैया हॉकर्स कॉर्नर के संचालन और अमृत 2.0 योजना के लिए 493.49 करोड़ रुपये का ऋण लेने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होनी है। न्यू मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग के हॉल को किराए पर देने का प्रस्ताव भी परिषद के सामने रखा गया है। इन प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान पार्षदों की ओर से सवाल उठाए जाने की संभावना है।
दूसरी ओर विपक्ष ने शहर की बदहाल सड़कों और बारिश के बाद खराब हुई अंदरूनी सड़कों का मुद्दा एजेंडे में शामिल नहीं होने पर नाराजगी जताई। विपक्ष का कहना है कि सड़कें और गड्ढे आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानी से जुड़े मुद्दे हैं और इन पर परिषद में चर्चा होनी चाहिए। पार्षदों की ओर से शहर में वैध और अवैध होर्डिंग्स सहित अन्य नागरिक समस्याओं पर भी सवाल उठाए जाने की संभावना है। ऐसे में बैठक में वित्तीय प्रस्तावों के साथ शहर की बुनियादी सुविधाओं और जनता से जुड़े मुद्दों पर होने वाली चर्चा भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
